शुक्रवार, 11 मार्च 2016

एडवांस

प्रतिदिन की तरह उस दिन भी टंडन शू चल रहा था। ग्राहकों को सेल्समैन जूट चप्पल दिखा रहे थे लेकिन एक सेल्समैन किनारे चुप बैठा था। टंडन दूकान मालिक के सामने आया- तुम फिर आ गए , काम पर ध्यान दो।
सेल्समैन- साहब जरूरी है अन्यथा इतना नहीं कहता।
मालिक- हर हफ्ते तो तुम्हारे घर कोई ना कोई आया ही रहता है,
सेल्समैन- अब आगे एडवांस नहीं लूँगा इस बार कर दीजिये , छोटी बहन आई हुयी है।
मालिक- पीछे लिए गए एडवांस की भरपाई हुयी नहीं, कैसे कर पाओगे सब
सेल्समैन- सिर्फ इस बार
मालिक- जितनी कमाई है उसी में रहना सीखो इस बार किसी भी दशा में एडवांस नहीं मिलेगा।
सेल्समैन रोनी सी सूरत लिए डबडबायी आँखों से अपने काम पर लग गया।

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