मैंने अर्थशास्त्र में MA किया है। पढ़ाई के दौरान अक्सर बताया जाता था कि कुछ ऐसा गुण विकसित करो कि बाजार में कुछ मूल्य मिल सके। कोई स्वीकार करे या न करे, लेकिन एक कटु सत्य है कि प्रत्येक व्यक्ति कुछ न कुछ बेच रहा है। एक नौकरी करने वाला कितने भी बड़े पद पर क्यों न हो, जो उसे वेतन मिलता है वो उसके योग्यता और समय का मूल्य होता है। जितनी अधिक योग्यता बढ़ाता है उसका मूल्य भी उतना ही अधिक मिलता है।
एक कहावत है कि बेहतर चूहेदानी बनाएं और दुनिया आपके दरवाजे तक रास्ता बना देगी। यानी अपने बनाए उत्पादों/सेवाओं में गुणवत्ता रहती है तो लोग खोज कर आते है। लेकिन चूहेदानी वाली कहावत तभी चरितार्थ होती है, जब दुनिया को उसके बारे में पता हो। कहने का आशय यह है कि अच्छे प्रचारक भी बनना चाहिए। सफल लोग बहुत अच्छे प्रचारक भी होते है। सफल लोग आम तौर पर लीडर होते है और सभी बड़े लीडर्स महान प्रचारक होते है। जो लीडर अपना प्रचार नहीं कर सकता, वह लंबे समय तक लीडर नहीं रहेगा, चाहे वो राजनीति हो, बिजनेस हो, या कोई और क्षेत्र हो।
यदि जीवन में सफल होना है तो अपने अंदर कुछ ऐसी योग्यता बनानी पड़ेगी जिसे हम दूसरों को कुछ दे सके जिससे लोगों को सचमुच मदद मिल सकती है। यहां हमारा नैतिक कर्तव्य है कि उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताए। मैं अपनी बात करूं तो मुझे स्वास्थ्य, निवेश और मोटीवेशन में सामान्य से अधिक ज्ञान और अनुभव रखता हूं। जहां भी अवसर मिलता है लोगों को अवश्य बताता हूं। क्योंकि मुझे लगता है कि जो अनुभव और ज्ञान मेरे पास है दूसरे लोगों को अवश्य लाभ मिल सकता है।
बेहतरीन
जवाब देंहटाएंलाजवाब
जवाब देंहटाएंBahut sahii baat hai
जवाब देंहटाएंयह आप ने अच्छी शुरुआत की है आप की विद्वत्तापूर्ण लेखनी अब और अधिक लोगों का मार्ग प्रशस्त करे गी।
जवाब देंहटाएंGood job..
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