अक्सर लोग मुझसे पूछते है कि मैं एक व्यस्त जीवन यानी नौकरी में रहते हुए कैसे फाइनेंस, स्वास्थ्य, मोटीवेशन आदि विषयों पर भी काम करता रहता हूं। तो मेरा उनसे एक ही उत्तर होता है, शौक बड़ी चीज है। किसी भी चीज का शौक रहेगा न, तो किसी न किसी तरीके से उसे पूरा करने के लिए समय निकल ही जाता है। जरूरी है कार्यों को प्राथमिकता सूची तैयार करना, शौक को प्राथमिकता सूची में रखिए तो समय निकल ही जाता है।
ईश्वर ने एक मामले में सभी के साथ न्याय किया है, वो है 24 घंटे का समय। चाहे कोई राजा हो या रंक सभी के पास 24 घंटे का ही समय है। हमें जो भी करना है इसी 24 घंटे में ही करना है। इसी समय के उपयोग से कोई बिजनेस मैन बनता है तो कोई खिलाड़ी तो कोई अभिनेता...कहने का आशय समय के सदुपयोग से वांछित नतीजे प्राप्त किए जा सकते है। जब हम कोई काम नहीं करते है तो इसका आशय यह नहीं होता है कि हमे समय नहीं मिला, बल्कि वो प्राथमिकता सूची में रहता ही नहीं है। हम जिस भी कार्य को प्राथमिकता सूची में रखते है, येन केन प्रकारेण समय निकाल ही लेते है।
मेरा अपना मत है कि दैनिक कार्य कलापों के मध्य जीवन में कम से कम एक शौक तो पालना ही चाहिए। ये शौक ही हमें अपने मूल कार्य करने की प्रेरणा, उत्साह, माहौल को तो बेहतर बनाएगा, साथ में दूसरे क्षेत्रों में भी उपलब्धि को बढ़ाता है। एक मेरे सीनियर थे जिन्हे मैं अक्सर करके उन्हें नई नई चीजे करते देखा करता था। कई बार उन्हें यू ट्यूब पर जर्मन और इटालियन भाषा सीखते देखा। पूछने पर उन्होंने कहा था कि एक नौकरी से ही जिंदगी खत्म नहीं होती है. यदि आप एक संतुष्ट जीवन जीना चाहते हैं, तो दिल की सुनें और जब दिल की सुनेंगे, तो हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करेंगे. बाधाएं भी आयेंगी, लेकिन कोशिश जारी रखना है।
एक कार्यालय में एक लोग सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके सहकर्मियों ने उनसे पूछना शुरू कर दिया था, रिटायर होने के बाद क्या करोगे? कोई कहता- दुकान खोल लेना, तो कोई सुझाता कि किसी फर्म में छोटी नौकरी कर लेना। एक ने बड़ी अच्छी बातें कहीं- यार, अगर नीयत खुद को व्यस्त और स्वस्थ रखने की हो, तो रिटायर होने के बाद कोई परेशानी नहीं। यह जरूरी नहीं कि इतने साल नौकरी करने के बाद भी कहीं नौकरी करो। अगर आर्थिक परेशानी नहीं, तो अपने शौक का दामन पकड़ो, कहीं जाने की जरूरत नहीं। आपके मन और तन के भीतर कुछ शौक उदास, कुछ सोए हुए होंगे। बस उन्हें जगा लें, तो वे आपकी जिंदगी को खुशनुमा बना देंगे और एक सच्चे दोस्त की मानिंद जीवन भर आपका साथ निभाएंगे। आपके शौक मित्रों, परिचितों और रिश्तेदारों में आपकी अलग पहचान बनाने में सहयोगी बन सकते हैं।
इंसान जीवन में बेहतर करने के लिए एक मार्गदर्शक ढूंढता है, लेकिन मेरा मानना है किसी मार्गदर्शक ढूंढने से ज्यादा महत्वपूर्ण है सेल्फ मोटिवेशन और इसके लिए इंसान के अंदर शौक का जिंदा रहना बहुत जरूरी है। कोई जरूरी नहीं है कि ये शौक बहुत बड़े हों. बहुत छोटा शौक भी एक इंसान को मोटिवेट करने के लिए काफी है। एक मेरे मित्र को बागवानी का शौक है, अपने घर पर विविध तरह के खोज खोज के पेड़, फूल पत्ती लगा रखे है। वर्षों से गमलों में पेड़ों को काट काटकर अनगिनत बोनसाई तैयार किए हुए है। वे काफी सकारात्मक किस्म के व्यक्ति है और उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है। हर किसी को कोई न कोई शौक पालना ही चाहिए। अपनी रुचि का कार्य कर जब इंसान संतुष्ट होता है तो उसके अंदर सकारात्मकता का प्रवाह होता है, जिससे इंसान रोजमर्रा की समस्याओं-चुनौतियों को अधिक उत्साह और आत्मविश्वास से हैंडल करने में सक्षम हो जाता है. इसलिए जीवन में बेहतर करना है तो शौक को जिंदा रखें, उसे सहेजे और उस पर काम करे, एक शौक जीवन में इतना क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिसके बारे में कल्पना नहीं किया जा सकता। सिर्फ एक शौक को लेकर हजारों सफल यू ट्यूब चैनल बन चुके है।
फिर देर किस बात की...आज से और अभी अपने शौक को सहेजना स्टार्ट।
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