अच्छे स्टॉक जितना ज्यादा जरूरी है खरीदना सीखना उससे भी अधिक जरूरी है उसे बेचना सीखना और यदि भविष्य में शेयर गिर सकता है तो जल्दी नुकसान को रोकना। यहां वेल्थ क्रिएशन होना ही होना है, फोकस वैल्थ क्रिएशन या प्रॉफिट पर नहीं करना है, वो तो हर हाल में मिलना है। फोकस करना है लॉस को कम करने पर, वो कौन से जगह है जहां नुकसान हो सकता है, बच कर रहना। सबसे पहले इसी पर फोकस करना है । होता क्या है कि जब सौदे हम ठोक बजाकर नहीं करते है या मार्केट उल्टी दिशा में चल जाता है तो थोड़ा थोड़ा करके हमारा सौदा भी घाटे में जाने लगता है, यदि उसे न रोका जाय तो वह एक बड़े घाटे में बदल जाता है। फिर से रिकवर होने की उम्मीद में रोके रहते है। इससे बचना चाहिए। कोई भी मार्केट से लड़ कर नहीं जीत सकता है। मार्केट सुप्रीम है, यहां सभी अंतिम दिन तक सीखते रहते है। जितना अधिक सीखेंगे, उतना ही अधिक आगे बढ़ने की संभावना होगी। हमे एक चीज नोट कर लेना चाहिए learn उसके बाद earn और हम जो भी पैसा कमाएंगे वो हमारी पात्रता/योग्यता के अनुसार मिलेगी। जैसे जैसे learn करते है वैसे वैसे हमारी पात्रता भी बढ़ती है।
स्टॉक मार्केट इन्वेस्टिंग/ट्रेडिंग लाइफ के 3 चरण होते है
पहले में नुकसान अधिक होते है,
दूसरे में नुकसान कम होते है और प्रॉफिट छोटा होता है
और थर्ड फेज में प्रॉफिट बहुत लम्बे होते है लॉस बहुत छोटा।
प्रत्येक ट्रेडर/इन्वेस्टर को थर्ड फेज में पहुंचना है। इसके लिए समय, धैर्य और अनुशासन चाहिए। सबसे पहले जरूरी है कि एक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बनाई जाए। जो भी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी है उसे लिख लिया जाय और अच्छे से मान लेना है कि ये स्ट्रेटजी ही हमे पैसा कमाएगा इसलिए इसे कभी नहीं तोड़ना है। एक नियम साथ में यह भी बना लेना है कि जब जब तोड़िए अपने को दंड दीजिए। जैसे एक बार रूल तोड़ा तो मुझे 1000 रुपए अपने जेब से निकालकर किसी पिग्गी बैंक में रख दीजिए। इसे बार बार कीजिए, फिर एक समय बाद इसका कमाल देखिए यानी पहला काम नियम को तोड़ना नहीं है। स्टॉक मार्केट में सफलता में 90% से भी अधिक का योगदान अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के साथ अनुशासन और धैर्य के साथ लगे रहना शर्तिया तौर पर लाभ दिलाता है। मार्केट के जो भी दिग्गज सफल निवेशक है उनकी सफलता की कहानी में साफ साफ दिखती है।
मैं अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बताऊं तो सबसे पहले क्वालिटी कम्पनी पकड़ता हूं, मैनेजमेंट और बिजनेस शानदार हो, स्टॉक मार्केट में भी लम्बे समय से लिस्टेड हो, 5 साल में कम से कम 50% रिटर्न तो देना ही चाहिए, इसके बाद एक साल का भी रिटर्न 50% से ऊपर का हो, 52 वीक हाई के आस पास हो, सभी मूविंग एवरेज के ऊपर हो ....इसी तरह के मैने 17/18 प्वाइंट बना रखे है और जब कोई स्टॉक मेरे मानकों पर खरा होता है तो फिर उस पर ध्यान देता हु अन्यथा नहीं। उसे एक लंबे समय तक वाच कर उसके मूवमेंट को समझने का प्रयास करता हूं, तब कहीं जाकर खरीदता हूं।
स्टॉक मार्केट में हजारों की संख्या में कम्पनियां लिस्टेड है जिसमें बहुत कम ऐसी है जो वैल्थ क्रिएट की है या वैल्थ क्रिएशन की क्षमता रखती है। इसलिए पूरी मार्केट पर फोकस न करके कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर फोकस करना है। मेरे विचार से निफ्टी 50 और निफ्टी नेक्स्ट 50 में 100 क्वालिटी कंपनियां है। जहां से अच्छे स्टॉक का पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है। जितने ही कम स्टॉक्स पर फोकस होगा हम उतने ही अधिक अच्छे से ट्रेडिंग कर सकेंगे। ज्यादा स्टॉक मतलब भटकाव ज्यादा और नुकसान की आशंका अधिक।
इसी तरह आप भी अपने अनुभव शेयर कीजिए।
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