हर कोई स्टॉक मार्केट में रातों रात अमीर बनने के सपने देखकर आता है लेकिन यहां पर सही जानकारी और स्ट्रेटजी के अभाव में 90% से अधिक लोग नुकसान उठाते है। एक अनुमान के अनुसार जो नए लोग मार्केट में आते उसमें से 70% से भी अधिक लोग एक साल के अंदर अंदर नुकसान उठाकर मार्केट से बाहर हों जाते है। 10 से 20 प्रतिशत लोग दूसरे और तीसरे साल बाहर हो जाते है। मुश्किल से 5 से 10 प्रतिशत ही ऐसे होते हैं जो यहां आगे बढ़ते है। आगे वही बढ़ते है जो निरंतर सीखने को तैयार रहते है, जिस दिन हम सीखना बंद कर देते है, उसी दिन से हम अपना निवेश कैरियर भी खत्म कर लेते है। यहां कोई मास्टर नहीं है, मार्केट ही सुप्रीम है, स्टॉक मार्केट में सफलता का एक ही फॉर्मूला है लगातार सीखते रहना। उसी सिखलाई के चरण में जो मैने सीखा है उसको लगातार शेयर करते रहता हूं। सिखलाई की श्रृंखला में आज बात करेंगे ट्रेडिंग के लिए कैसे स्टॉक सेलेक्ट करे।
स्टॉक सेलेक्ट करने से पहले सबसे पहले मार्केट मार्केट की दिशा देखनी चाहिए। जैसे पतंग उड़ाने के लिए हवा का रुख देखना चाहिए, जैसे हवा के रुख के विपरित पतंग नहीं उड़ा सकते ठीक उसी तरह मार्केट के विपरित दिशा में ट्रेडिंग नहीं किया जा सकता। हालांकि कुछ स्टॉक्स और कुछ सेक्टर मार्केट में कितनी भी खराब हालत क्यों न हो लेकिन वो हमेशा वो आउट परफॉर्म करते है। उसे भी चिन्हित करने में यह लेख काम आएगा।
मैं जो तरीका बताने जा रहा हूं यदि यदि इसे एक नियम बनाकर अनुशासन के साथ फॉलो किया जाय तो प्रॉफिट की प्रोबेबिलिटी काफी बढ़ जाएगी। मेरा अपना मानना है कि यदि इस नियम के साथ ट्रेडिंग किया जाय तो साल में आसानी से 35/40% का रिटर्न लिया जा सकता है। बताए गए तरीके से चुने स्टॉक्स को महीने दो महीने के लिए होल्ड किया जाय तो आसानी से एक ट्रेड पर 10 से 12 प्रतिशत रिटर्न ले सकते है। इतना ही नहीं जो स्टॉक चुनते हैं उसमें 10 स्टॉक में से 6 से अधिक सौदे पॉजिटिव रिटर्न दें सकते है। चूंकि ट्रेडिंग आइडिया रहती है इसलिए इसमें स्टॉप लॉस भी लगाना होता है। हम दो स्टॉप लॉस लेकर चलेंगे एक 200 दिन का मूविंग एवरेज और दूसरा एक से दो महीने इस टाइम फ्रेम। कहने का आशय यह है कि यदि सौदे में स्टॉक 200 sma तोड़ देता है, तब निकल जाना है और यदि दो महीने में रिटर्न नहीं देता है, जिस भी लेवल पर स्टॉक होता है, नुकसान की ही दशा किया न हो तब भी निकल जाना है। इस नियम में मोमेंटम स्टॉक में सौदे करना है जो नियमित अंतराल पर नए नए हाई बनाते जाते है। हम ऐसे स्टॉक्स को नहीं चुनते है जहां अपने लोवर लेवल पर ट्रेड कर रहा हो या लगातार low चल रहा हो। वो तरीका नीचे दिया गया है। आप लोग आजमाइए और यदि फायदा होता है तो अपनी टिप्पणी अवश्य दीजिए
1) स्टॉक NSE पर लिस्टेड हो
दो मुख्य एक्सचेंज है एक बीएसई और दूसरा NSE तो जिस भी स्टॉक को चुनेंगे उसकी पहली शर्त होगी वो NSE पर अवश्य लिस्टेड हो। यदि स्टॉक दोनो पर लिस्ट हो तो और अच्छी बात है लेकिन यदि केवल बीएसई पर लिस्ट है तो सतर्क हो जाना है और दूरी बना लेना है।
2) स्टॉक निफ्टी 500 इंडेक्स में हो
स्टॉक मार्केट में लगभग 2000 कंपनिया लिस्टेड है जिसमें कुछ ही स्टॉक लेने लायक है। हम अपने सामने जितनी ही कम कंपनी रखेंगे उतना ही बढ़िया से निगरानी या विश्लेषण कर सकते है। भीड़ ज्यादा मतलब कन्फ्यूजन भी अधिक।
3) फंडामेंटल स्ट्रॉन्ग हो
यदि कंपनी का फंडामेंटल स्ट्रॉन्ग होता है और यदि किसी कारण सौदे गलत भी हो जाते है तो एक समय फिर से रिकवर होकर अपने भाव पर आ जाता है। फंडामेंटल कमजोर होने पर स्टॉक मार्केट में तेजी रहती है तो खूब भागते है लेकिन जैसे ही मार्केट में बुरे दौर प्रारंभ होते है पहली बात तो यह कि वह मार्केट की तुलना में अधिक टूटता है और दूसरा रिकवर भी बहुत बाद में होता है। इसके उल्टा यदि फैंडामेंटल स्ट्रॉन्ग हो तो मार्केट में दौर कितना भी खराब क्यों न हो लेकिन गिरने का लेवल भी होता है और जब रिकवरी आता है तो सबसे पहले रिकवरी भी उन्ही मे आती है। अच्छे फंडामेंटल के लिए कंपनी के PE, PB, ROE, ROCE, DE, PAT, प्रमोटर होल्डिंग आदि को देखते रहना है।
अच्छे फंडामेंटल स्टॉक सेलेक्ट के लिए मेरी एक पोस्ट का लिंक है
https://vskarahiya.blogspot.com/2021/04/blog-post_9.html
4) 1 साल का रिटर्न 50% से अधिक हो
चौथे प्वाइंट पर जो स्टॉक एक साल के अंदर 50 प्रतिशत से ऊपर का रिटर्न होगा हम उसी स्टॉक को अपने लिस्ट में शामिल करेंगे। एक साल में 50% से उपर का रिटर्न होना मतलब है कि एक जबरदस्त अप ट्रेंड वाला स्टॉक हम पकड़ रहे है। एक साल के साथ साथ पीछे के भी रिटर्न पॉजिटिव होने चाहिए, ये नहीं कि 5 साल में वो स्टॉक निगेटिव है और केवल साल भर के रिटर्न को फोकस कर रहे है। प्रायः ऐसे उदाहरण अक्सर पैनी स्टॉक में दिख जाता है कि कुछ स्टॉक्स साल डेढ़ साल की अवधि में कई गुना रिटर्न दे देते है तो ऐसे स्टॉक से भी सतर्क रहना है।
5) सभी सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर हो
मुख्य रूप से 200 और 50 दिनों के मूविंग एवरेज के ऊपर स्टॉक होना चाहिए। साथ में यह भी कि 50 दिन का मूविंग एवरेज 200 दिन के मूविंग एवरेज से अधिक हो। पसंद किए हुए स्टॉक को नियमित वाच करना है और जब मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेडिंग करता रहता है तभी ट्रेडिंग के लिए उपयुक्त समझा जाता है। इसमें भी जब गोल्डन क्रास बनता है तब और भी उत्तम समय होता है। गोल्डन क्रास मतलब जब 50 दिन का मूविंग एवरेज 200 दिन के मूविंग एवरेज को नीचे से क्रास करता है। यह एक बहुत तगड़ा बुलिश सिग्नल माना जाता है। चित्र को देखिए
इसका उल्टा यानी जब 50 दिन का मूविंग एवरेज ऊपर से नीचे की ओर काटे तो ऐसा होने पर गिरावट की आशंका होती है।
6) 52 विक हाई का लेवल
ट्रेडिंग में इसका भी बड़ा महत्व है। प्रायः देखने में आता है कि लोग 52 विक लो पर जो शेयर होता है लोग उस पर दाव खेलते है जो कि सही रणनीति नहीं होती है। हालांकि जब मार्केट में गिरावट का दौर चल रहा होता है तो अच्छे अच्छे स्टॉक अपने लोवर लेवल पर ट्रेड कर रहे होते है ऐसे समय में स्टॉक चुनते समय हमें पीछे के चार्ट पर ध्यान ज्यादा देना चाहिए। यदि पिछले 5 सालों के 2 चार्ट को देखते है। पहले वाला लेने लायक होता है जबकि दूसरे वाले को अवॉइड कर देना चाहिए। कुल मिलाकर यह आशय है कि जब क्वालिटी स्टॉक अपने लो पर ट्रेड कर रहा हो तो वह लेने के अवसर होता है।
अब बात करते है 52 विक हाई वाले स्टॉक के बारे में तो जो स्टॉक 52 विक हाई के आस पास होते है ट्रेडिंग के लिए सबसे उपयुक्त स्टॉक होते है। इसके साथ हमें या भी देखना चाहिए वो अपना 52 विक हाई कब बनाया था, यदि वो 6 महीने या साल भर पहले 52 विक हाई बनाया था तो वो अपने मतलब का नहीं रह जाता। हमें 3/4 महीना के अंदर 52 विक हाई वाले स्टॉक को चुनना है। क्योंकि वो स्टॉक करेक्शन पर उपलब्ध होगा और फिर से शीघ्र ही नया हाई बनाने की संभावना रहती है। तो 52 विक हाई से जितनी दूरी उससे अधिक लाभ की उम्मीद। सामान्य तौर पर यदि 52 विक हाई से 20 प्रतिशत तक के करेक्शन वाले स्टॉक चुने तो अच्छे लाभ की उम्मीद कर सकते है।
7) वॉल्यूम और डिलेवरी का संबंध ऊंचा होना चाहिए
वॉल्यूम मतलब प्रतिदिन ट्रेड होने वाले स्टॉक की संख्या और डिलेवरी मतलब कि ट्रेड किए गए स्टॉक में से कितने आगे के लिए होल्ड कर लिए गए है। यदि किसी स्टॉक में भाव भी बढ़ रहा है और वॉल्यूम भी बढ़ रहा हो तो इसका मतलब है कि गंभीर निवेशक उसमें सक्रिय है। इसमें यदि डिलेवरी का तड़का लगा दिया जाय तो और मजेदार हों जाता है। डिलेवरी यदि 50% से अधिक हो तो ट्रेडिंग के लिए स्टॉक चुनना सही रहता है।
8) कहां से पाए ये स्टॉक
इन स्टॉक्स को पाने का सबसे अच्छी जगह तो nse है लेकिन इससे बाहर भी कई जगह है जहां से इन स्टॉक्स को फिल्टर कर सकते है। मनी कंट्रोल, इन्वेस्टिंग, स्टॉक एज, मार्केट मोजो, ET मार्केट, स्क्रिनर आदि कई जगह है जहां से काम लायक सूचनाएं मिल सकती है। मेरे विचार से सबसे सरल है स्टॉक एज एप्लिकेशन में स्कैन, प्राइस स्कैन, 52 विक ब्रेक आउट जहां हाई और लो दोनो आंकड़े मिल जाते है। यहां 52 विक हाई से 15% तक करेक्शन पर उपलब्ध आंकड़े आसानी से मिल जाते है।
9) कब खरीदे
सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि खरीदे कब ? उसके लिए उत्तर है स्टॉक को चुनने के बाद अचानक से नहीं खरीद लेना है। खरीदने से पहले स्टॉक के मूवमेंट को देखना और समझना है। उसके सपोर्ट और रेजिस्टेंस को समझना है। सपोर्ट पर खरीदना है और रेजिस्टेंस पर इंतजार करना है यदि तोड़ देता है तो रखे रहना है अन्यथा वहीं पर बेचना है। स्टॉक पर ट्रेंड लाइन खींचना है। नीचे चित्र में दिखे लाइन की तरह। ट्रेंड लाइन कैसे खींचते हैं उसके बारे में एक अलग से पोस्ट कर चर्चा करूंगा
10) ट्रेडिंग में सफलता कैसे मिलेगी
एक और बड़ा प्रश्न जिसका उत्तर है अपने ट्रेडिंग नियम पर जितना ही अधिक अनुशासन और धैर्य के साथ काम किया जाय सफलता का दर उतना ही अधिक होता है। याद रखना है मार्केट में हमेशा अनुशासित ट्रेडर पैसा कमाते है जबकि अनुशासनहीन लोग पैसा गंवाते है। इसलिए अनुशासन के साथ सख्ती से इस नियम का पालन करना है। मैं जिस तरीके से ट्रेडिंग के लिए स्टॉक सेलेक्ट करता हूं उसी को मैने बताया है। ट्रेडिंग के लिए सभी की ट्रेडिंग आइडियालॉजी जरूर होनी चाहिए वो भी लिखित में। उस आइडियोलॉजी पर जितना टिकेंगे उतना ही अधिक फायदा होगा। वैसे ये स्ट्रेटजी इंट्रा डे के लिए नहीं है बल्कि होल्डिंग बेस्ड ट्रेडिंग के लिए है इसलिए जिसका नजरिया 1 से 6 माह या उससे अधिक है तब यह तरीका सबसे अधिक सफलता दिलाएगा
स्टॉक सिलेक्शन के लिए भी स्क्रीनर पर मैंने एक स्क्रीन बना रख है जिसका लिंक निचे है . इस लिंक से ऐसे स्टॉक मिल जायेगे उपरोक्त मानकों पर कुछ हद तक सही रहते है लेकिन लिंक से मिलने वाले स्टॉक में से NSE पर लिस्टेड को ध्यान देना होगा. साथ में फंडामेंटल पर भी गौर करने की जरुरत होगी .
https://www.screener.in/screens/348100/SHORT-TERM-TRADING-STOCKS/?sort=Down+from+52w+high&order=desc&limit=15&page=1
कोई सलाह हो तो प्लीज कमेंट में जरूर बताइए या फिर मेरे फोन नंबर 9889307067 और 7272957000 पर कॉन्टेक्ट कर सकते है।
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