शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021

सफल निवेशक बनने के कुछ सूत्र

 शेयर बाजार में नए निवेशक पैसा लगाने से डरते हैं और जो कुछ नए लोग आते है वो अनुभव और जानकारी के अभाव में अक्सर गलत ट्रेडिंग करके हाथ जला लेते है. एक अनुमान के मुताबिक़ जितने लोग मार्किट में आते है उसमें से मुश्किल से 10% भी नहीं आगे जा पाते है. 90% से अधिक लोग नुकसान करके फिर वापस नहीं आते है. यदि दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में शामिल वॉरेन बफे की बातों और विचारों का पालन किया जाय तो स्टॉक मार्किट में सफलता की उम्मीद काफी बढ़ जाती है . अगर उनके निवेश के मंत्र को अपनाया जाय तो मार्किट की दशा कैसी भी हो निवेशकों में घबडाहट नहीं होगी.आईये जानते है कुछ निवेश विचारों को

1- वह बाजार में गिरावट को डर के रूप में नहीं लेते, बल्कि उनका कहना है कि गिरावट हमेशा आगे के लिए निवेश का मौका लाती है.अच्छे अच्छे स्टॉक सस्ते भाव पर मिल रहे होते है. जब बाजार गिर रहा हो तो निवेशक को खुद को शांत रखना चाहिए और हड़बड़ी में शेयर बेचने का कदम बिल्कुल नहीं उठाना चाहिए.लॉन्ग टर्म में मार्किट को बढना ही है इसलिए जब तक स्टॉक या सेक्टर के फंडामेंटल में कोई खास बदलाव न हुआ हो तब तक स्टॉक को बेचना नहीं चाहिए.

2-निवेशकों को निवेश के मूलभूत सिद्धांत को फॉलो करना चाहिए यानी अच्छे बिजनसे के शेयर खरीदो और लंबे वक्त तक रखना चाहिए. तेजी और गिरावट मार्किट का मूल स्वभाव है, यही इसकी खूबसूरती है. पहले में गिरावटें आती रही हैं और आगे भी आएंगी. कोई इसकी भविष्यवाणी भी नहीं कर सकता कि कब और किन परिस्थितियों में गिरेगा . इसलिए बाजार पर बारीकी से नजर रखने और घबराने के बजाय खुद को शांत रखते हुए धैर्य का परिचय देने चाहिए .

 3-  वारेन बफे का कहना है कि जब दूसरे लोग बाजार में लालच में आकर खरीदारी कर रहे है तो हमें उस समय मार्केट में नया पोजीशन नहीं बनाना चाहिए या फिर बिकवाली करनी चाहिए, और जब में भय व्याप्त हो, गिरावट का कोई ओर छोर नहीं दिख रहा हो तो उस समय एक बुद्धिमान निवेशक को लालची बन जाना चाहिए .बेंजामिन ग्राहम कहते है कि मार्किट एक घडी के पेंडुलम की भांति होता है जो महंगे, सस्ते और उचित मूल्य के मध्य घूमता रहता है. एक सफल निवेशक सस्ते पर खरीदता है जबकि महगे पर बेचता है.

4-दूसरे निवेशकों को देखकर बाजार में पैसा नहीं लगाना चाहिए. उनके मुताबिक निवेश तभी करें जब हम उस बिजनसे को ठीक से समझते हो. बफे साहब का कहना है कि अफवाहों पर ध्‍यान नहीं देना चाहिए. शेयर बाजार में अफवाहें बहुत चलती हैं. इसलिए अफवाहों से प्रभावित होकर किसी विशेष कंपनी के स्टॉक न तो खरीदना चाहिए और न ही बेचना चाहिए.और यदि जल्दी में खरीदारी और बिकवाली करनी भी पड़ रही हो तो कभी भी एक ही बार में न तो पुरे शेयर खरीदने चाहिए और न एक बार में पुरे शेयर बेचने चाहिए. जो भी किया जाय टुकड़ों में.

 5-अपने पोर्टफोलियो को हमेशा डाइवर्सिफाई करना चाहिए. कहने का आशय यह है कि पोर्टफोलियो में विविध सेक्टर से अच्छी कंपनियों में पैसा लगाना चाहिए,  इससे निवेशित रकम पर जोखिम कम होगा.पोर्टफोलियो में कुल कितने स्टॉक रखने चाहिए इस पर अक्सर करके चर्चाये होती रहती है. मेरे विचार से 15 से लेकर 30 के मध्य स्टॉक रखते है तो एक बढ़िया पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है. निवेश का एक सफल तरिका होता है सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट तरीके से करना जिसमें कोई एक रकम निर्धारित करते है जिसने निश्चित तिथि को पैसा डालकर शेयर खरीद लेते है. इससे मार्केट की वोलाटिलिटी का अच्चा फायदा मिल जाता है.

 6-स्टॉक मार्किट को एक बिजनेस  समझकर आना चाहिए, यहाँ रातो रात जो अमीर बनाने का स्वप्न लेकर आता है, मात खाता है. यहाँ धीमे धीमें लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रियेट  होता है .  एक ट्रेडर बनने की बजाए लंबी अवधि का लक्ष्य लेकर बाजार में आएं. और यदि ट्रेडिंग के लिए आते है तो लक्ष्य पूरा होने पर स्टॉक को बेच देना चाहिए और यदि सौदा उम्मीद के विपरीत जाता है तो भले ही सौदे में नुकसान हो रहा हो, निकल जाना चाहिए,

7- उन पैसे को न निवेश किया जाए जिनमे शर्त जुडी हो अर्थात जैसे किसी किसी की EMI 15 तारीख को जानी होती है और 15 दिन तक पैसा बैंक खाते में पड़ा रहता है तो उसे कभी भी स्टॉक मार्किट में नहीं लगाना चाहिए. इतना ही नहीं कभी भी किसी से उधार लेकर भी निवेश नहीं करना चाहिए. हमें उसी पैसे का निवेश करना चाहिए जिसका निकट भविष्य में काम नहीं आने वाला हो. 

8-धैर्य और संयम रखने से ही पैसा बढ़ता है. इतना विश्वास करके आना चाहिए कि यहाँ पर हम मुद्रा स्फीति को हर हाल में पीछे करना है, तो बड़ी सुकून रहती है.  ज्‍यादा रिटर्न की लालच में कभी भी फ्यूचर और आप्शन को चुनना नहिं चाहिये , बाजार में निवेश किया है तो सामंजस्य और सब्र जरूरी है. ज्यादातर निवेशक ऐसा न करके अपने ही दुश्मन बन जाते हैं. संयम रखने से ही निवेश बढ़ता है.

9-अनुशासन का होना बहुत जरुरी है. मार्केट में हमेशा अनुशाषित निवेशक पैसा कमाता है जबकि गैर अनुशाषित निवेशक नुकसान उठता है, इसलिए अनुशासन का होना बहुत जरुरी है. मुझे तो लगता है कि हमारी सफलता में 90% योगदान हमारे अनुशासन और धैर्य का होता है. हम जो भी अपनी ट्रेडिंग नियम बनाये उसे सख्ती से पालन करना है यकीन मानिए सफलता तय है.

10-सिखने को हमेशा समर्पित करना होगा. यह एक ऐसा सेक्टर है जहाँ हर रोज कुछ न कुछ नया सिखने को मिलता है, कोई भी यहाँ गुरु नहीं होता है सभी के सभी स्टूडेंट होते है. निवेश और ट्रेडिंग के बेसिक्स को ज्यादा से ज्यादा सिखने पर जोर देना चाहिए. 

ऊमीद है जानकारी से आपको अवश्यफायदा हुआ होगा. ज्यादा जानकारी के लिए मेरे नंबर 9889307067 और 7272957000 पर कांटेक्ट कीजिये

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