गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए How to keep your body & immunity better

दुख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय
जो सुख में सुमिरन करे, दुख काहें को होय

वर्षों पहले कबीर दास ने इन पंक्तियों के माध्यम से बता दिया था कि संकट काल में सभी लोग ईश्वर का सुमिरन करते है। यानी काम करते हैं लेकिन सुख के समय कोई नहीं करता। इसके जगह पर  यदि अच्छे समयों में कुछ काम किए जाय तो संकट नहीं आते है। आज चारो तरफ कोरोना का तूफान मचा हुआ है। जिसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी immune power सही है, उसे कम प्रभावित कर रहा है और जिसकी कमजोर है तो फिर वो व्यक्ति पर  आसानी से संकट आ जा रहा है, इस समय सभी का ध्यान अपने इम्यून शक्ति की तरफ है। लेकिन यहां समझना होगा इम्यूनसिस्टम एक दिन में नहीं बनती है और न ही किसी दुकान पर मिलती है कि झोला लेकर गए और पैसे देकर खरीद लिए। इसके लिए लंबे समय तक काम करने पड़ते है। संकट काल में तो सभी चाहते है कि उनकी इम्यून पावर स्ट्रॉन्ग हो लेकिन यह काम संकट का नहीं बल्कि संकट को दूर रखने के लिए इस पर हमेशा से काम करना चाहिए। बीमार व्यक्ति तो हमेशा इलाज कराता है, ऐसा क्या किया जाय कि हम बीमार ही न हो, और हो भी तो दूसरों की तुलना में कम प्रभावित हो। वेलनेस पर काम करना ही इम्यून शक्ति बढ़ाना है। 
 
 तो आज के इस लेख में जानते है कि अपने इम्यून पावर को स्ट्रॉन्ग करने के लिए क्या क्या करना चाहिए
1) ज्यादा पानी पीना
 पानी अपने पास मुफ्त में उपलब्ध कम से कम 100 रोगों की दवा है। अपना शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी है इसलिए पानी बहुत जरुरी है शारीर के लिए. प्रश्न यहाँ यह है कि एक व्यक्ति को कितना पानी पीना चाहिए तो इसका उत्तर उसके वजन में छिपा होता है. जानकारों के अनुसार प्रति 20 किलों वजन पर 1 लीटर पानी पीना चाहिए यानी एक 80 किलों वजन वाले व्यक्ति को कम से कम  4 लीटर पानी तो रोज पीना चाहिए 

2) खाने में फल और सब्जियों का प्रयोग 
 फल और सब्जिया विटामिन, मिनिरल और एंटी ओक्सिडेंट की स्रोत होती है इसलिए जितना अधिक से अधिक हो सके फलों और सब्जियों की मात्रा को बढ़ाना है. खाने में सलाद को अवश्य शामिल करना है क्योंकि सलाद से पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलती है. स्वस्थ व्यक्ति को प्रति दिन 30 से 35 ग्राम फाइबर चाहिये होता है. फाइबर हमारे पेट को साफ़ रखने और कई तरह की दिक्कतों को दूर भगाता है. 

3) एक्सरसाइज करना
 विज्ञान के अनुसार एक्सरसाइज करने के दौरान शरीर में कई तरह के केमिकल बनते है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है. एक्सरसाइज का मतलब यह नहीं कि जिम ज्वाइन कर लिया जाय. एकदम सामान्य और हल्का फुल्का एक्सरसाइज, अनुलोम विलोम, कपाल भाति आदि. यदि सिर्फ एक सिद्धांत अपना लिया जाय 24 घंटे में 24 मिनट भी एक्सरसाइज किया जाय तो शरीर के लिए पर्याप्त इम्युनिटी बनी रहती है.

4) खान पान सही रखना 
   विश्वास कीजिये अच्छे सेहत में 80% योगदान हमारे खान पान का होता है. हम जो भी खाए उसमें पर्याप्त पोषकता हो. भोजन हम जीभ के लिए नहीं बल्कि शरीर के लिए खाए. शरीर हमसे चावल दाल रोटी सब्जी नहीं मांगता है बल्कि मांगता है प्रोटीन, विटामिन, मिनिरल, फाइबर आदि इसलिए भोजन को पेट में भेजने से पहले एक बार जरुर मुल्यांकन कर लिया जाय कि पोषकता है कि नहीं. फ़ास्ट फ़ूड, पिज्जा बर्गर, चायनीज, तली भुनी चीजे, ट्रांस फैट, सेचुरेटेड फैट से बचना है. खाने के मध्य में 4 घंटे का पर्याप्त गैप रखना है, सबसे अधिक ध्यान नाश्ता पर रखना है जबकि रात के भोजन को एकदम लाइट रखना है. 
 
5) प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट का संतुलन रखना है 
 हमारे शरीर को इन्ही 3 स्रोतों से ऊर्जा  मिलती है  और सभी का अनुपात है. विज्ञान के अनुसार 40 % उर्जा कार्बोहाइड्रेट,  30% प्रोटीन और 30% फैट से लेना है हमें अपने खान पान को चेक करते रहना है. कार्बोहाइड्रेट में भी सिंपल कार्ब यानी चीनी, मिठाई, पेस्ट्री, बिस्किट, कुकीज आदि से बचना है. इसे चेक करना आसान नहीं है फिर भी ध्यान दिया जाय तो मैनेज किया जा सकता है 
 
6) एक एंटी ओक्सिडेंट और मल्टी विटामिन जरुर लेना है 
 विटामिन सी, विटामिन इ एंटी ओक्सिडेंट होते है  जो शारीर में ऑक्सीडेशन को रोकते है। इसके अतिरिक्त विटामिन ए, बी, डी आदि रोगों से लडने में मदद करते है। इसके साथ मिनिरल में जिंक, मैग्नीशियम, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम आदि थोड़ी थोड़ी मात्रा में लेनी जरूरी होती है। हमारे खान से पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है इसके लिए बाहर से लेने पड़ते है। मार्केट में ढेर सारे मल्टी विटामिन है लेकिन डायरेक्ट सेलिंग की सबसे अच्छी होती है। मैं पर्सनली हर्बल लाइफ वालों का मल्टी विटामिन नियमित लेता हूं। 

7) प्रोटीन रिच डाइट लेना 
 प्रोटीन शरीर का बिल्डिंग ब्लाक कहा जाता है और सबसे पहला पोषक पदार्थ होता है जिसे लेना चाहिए. यह अमीनों एसिड की माला होती है. कुल 21 एमिनो एसिड होती है जिसमें 12 हमारा शरीर बना लेता है लेकिन 9 को बाहर से लेना पड़ता है इन्हें एसेंशियल एमिनो एसिड कहा जाता है .  प्रोटीन के बिना जीवन की कल्पना नहीं किया जा सकता. विज्ञान के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रति किलों वजन पर एक ग्राम प्रोटीन लेने चाहिए यानी एक 60 किलो वजन वाले व्यक्ति को प्रति दिन 60 ग्राम प्रोटीन हर हाल में लेनी चाहिए. अपने देश में प्रोटीन के मुख्य स्रोत दाल, राजमा, पनीर, अंडा, चिकन, मिट आदि है जिससे पर्याप्त मात्रा में मिल नहीं पाता है. देश मे  सभी के अन्दर प्रोटीन की कमी की बिमारी है. इस के कारण हमें बाहर से प्रोटीन लेना पड़ता है. तो बाहर से प्रोटीन लेते समय इस बात का अवश्य ध्यान दे कि वो पूर्ण प्रोटीन है कि नहीं.

8) चीनी से दूरी जरुरी है 
 चीनी अपने आप में अनगिनत बीमारियों का घर है. शारीर को जितनी मिठास चाहिए होती है उतनी मिठास हमें अपने खान पान से मिल जाती है, उसके बाद का मीठा नुकसान करता है. और जो हमे मीठे के तौर पर सफ़ेद क्रिस्टल चीनी लेते है उसमें कोई भी पोषक पदार्थ नहीं होता है. भयंकर कैलोरी होती है. इसमें  मिली सल्फर सेहत को बहुत नुकसान पहुंचाता है. चाय एक मीठा जहर है जो मोटापा, डायबिटीज, ह्रदय रोग जैसे अनगिनत रोगों को जन्म देता है. तो सबसे पहले चीनी कम करनी है. चीनी के साथ साथ चाय से भी दुरी रखनी है जिसमें भयंकर मात्र में कैफीन मिलता है 

9) सूर्य की रोशनी लेनी है 
 विटामिन डी एक ऐसा विटामिन है जो सूर्य की रोशनी के साथ मुफ्त में मिलती है और विटामिन डी कैसंर जैसे अनगिनत गंभीर रोगों से लड़ने में मदद करता है. यदि प्रति दिन सुबह 10/15 मिनट भी यदि धुप में जाते है तो शरीर अपने जरुरत के लिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी बना लेता है. 
 
10) नशे से दूर रहना 
 नशा भी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता  पर प्रतिकूल असर डालता है. शराब, बीडी, सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा  आदि  सभी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालने के साथ साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करते है इसलिए कोई नशा नहीं करते है तो अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाते है 

 11) सकारात्मक सोच और तनाव मुक्त रहना
  रोग प्रतिरोधक क्षमता में सकारात्मक सोच की एक बड़ी भूमिका होती है. सकारात्मक सोच से शारीर में गुड हारमोन बनते है जिससे रोगों से लड़ने में मदद मिलती है. इसके उल्टा तनाव रहने से कार्टिसोल हरमों बनता है जो एक जहर की भाँती होती है.
 
 
उम्मीद है लेख पसंद आया होगा. मेरे साथ स्वाश्थ्य अभियान में  जुड़ने के लिए whatsapp 9889307067

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