कुछ उपाय अपना कर जीवन भर स्वस्थ रह सकते है।
1) पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
सबसे बड़ी गलती हम लोग पानी के मामले में करते है शरीर की जरूरतों के अनुसार पानी नहीं पीना। शरीर का 70 % हिस्सा तो पानी ही है, इससे पानी एक महत्व पता चलता है। एक अनुमान के अनुसार पानी हमें अपने वजन के अनुसार पानी चाहिए। प्रति 20 किलो वजन पर कम से कम 1 लीटर पानी पीना चाहिए। पानी अपने आप में कम से कम 100 रोगों को दूर रखता है।
2) पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना
प्रोटीन शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक का काम करता है। प्रोटीन में भी पूर्ण प्रोटीन लेना। पूर्ण प्रोटीन से आशय है 9 आवश्यक एमिनो एसिड के साथ। सामान्यतया एक किलो वजन पर लगभग 1 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। पर्याप्त प्रोटीन के लिए प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ लेने चाहिए जैसे दाल, मशरूम, सोयाबीन, अंडे, चिकन, कढ़ी, राजमा आदि प्रोटीन के अच्छे स्रोत है। यदि नहीं ले पाते है तो बाहर से प्रोटीन लिए जा सकते है लेकिन बाहर के प्रोटीन में सतर्कता बहुत जरूरी है, जैसे दावे करते है, वैसे होते नहीं है। कुछ डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के पास सोया आइसोलेटेड प्रोटीन होता है जो कई तरह के प्रोसेस से गुजरता है, शरीर में रुकता भी नहीं है।
3) ओमेगा 3 लेना
3 तरह इस ओमेगा होता है 3, 6 और 9। 9 को हमारा शरीर बना लेता है लेकिन 3 और 6 को बाहर से अपने खाद्य पदार्थों से लेने पड़ते है। दिल और दिमाग के लिए ओमेगा 3 बहुत जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसआर हमारे शरीर में 3 और 6 का अनुपात 1:7 होने चाहिए लेकिन जिस तरीके का हमारा लाइफ स्टाइल और खान पान बदला है उसमें यह अनुपात 1:70 से अभी अधिक हो चुका है। इस बिगड़ी अनुपात के कारण ही हृदय, ब्लड प्रेशर, तनाव, घुटने दर्द, मोटापा, भूलने आदि बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। हमारा जो खान पान है उसमें ओमेगा 6 ज्यादा जाता है मूंगफली, बादाम, अलसी, अखरोट आदि इसके बढ़िया स्रोत है लेकिन उसमें ओमेगा 3 की सभी किस्में नहीं मिल पाती है। ओमेगा 3 भी 3 तरह का होता है EPA, ALA और DHA जिसके लिए समुद्री मछली अच्छे स्रोत माने जाते है। मार्केट में जो ओमेगा 3 के नाम पर अलसी यानी फ्लेक्स ऑयल देते है उसमें EPA और DHA नहीं मिल पाता है। इसलिए मार्केट से इस सप्लीमेंट को लेते समय खास ध्यान रखनी है। यहां मैं फिर कहूंगा कि डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के प्रोडक्ट बहुत बेहतरीन है इस मामले में।
4) मौसमी फल और सब्जियों को ज्यादा लेना है
हर हाल में खान पान में मौसमी और फलों को शामिल करना चाहिए क्योंकि ये सभी विटामिन, मिनिरल के अच्छे स्रोत होते है। इसके अतिरिक्त इसमें एंटी ऑक्सीडेंट भी मिलता है जो फ्री रेडिकल बनन से रोकते है जिससे कई तरह के रोगों से बचाता है। खाने में सलाद को अनिवार्य हिस्सा बनाना है क्योंकि यहां से फाइबर मिलता है। खान पान में चावल को रोटी से अधिक वरीयता देनी चाहिए। चावल और रोटी को कम लेना है जबकि सब्जी और दालों की मात्रा को बढ़ाना है।
5) वजन को नियंत्रित रखना है
वजन अपने आप में अनगिनत बीमारियों को जड़ है। वजन ज्यादा होने पर हर्ट, ब्लड प्रेशर, घुटने दर्द, स्लिप एपनिया जैसे गंभीर बीमारियो को पनपने का मौका मिलता है। इसलिए यदि हम वजन कंट्रोल में रखते है तो अपने आप में स्वस्थ होने के मामले में आधी लड़ाई जीत गए रहते है। इस लेख में जो भी उपाय बताए गए हैं यदि उसे अपनाया जाय तो आसानी से वजन नियंत्रित रहेगा।
6)पर्याप्त नींद और आराम
स्वस्थ रहने के लिए 8 घंटे की प्रॉपर नींद और आराम चाहिए। नींद और आराम की कमी से टेंशन, चिड़चिड़ापन, मेटाबॉलिज्म खराब होने, वजन बढ़ना जैसी कई परेशानियां पैदा होती है।
7)व्यायाम और योग
बहुत सारे लोगों से प्रश्न कीजिए कि आप सेहत के लिए क्या कर रहे हो तो लोग कहते है टहलना प्रारंभ कर दिया है। जानकारों के अनुसार स्वस्थ रहने में 80% योगदान हमारे खान पान और 20% योगदान व्यायाम और योग का होता है। इसलिए वर्क आउट तभी काम करेगा जब हम सही खान पान करे। सही खान पान से आशय है न्यूट्रिशन से भरपूर भोजन करना। यदि 24 घंटे में हम 24 मिनट भी हल्की फुल्की एक्सरसाइज भी करते है तो स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त है।
8) चीनी कम करना है
सफेद क्रिस्टल वाली चीनी में कोई भी न्यूट्रीशनल वैल्यू नहीं होती है, इसलिए इसका जितना कम से कम हो सके प्रयोग करना है। चीनी एक प्रकार का कार्बोहाइडेट होता है। कार्बोहाइडेट 2 प्रकार का होता है सिंपल कार्ब जो खाते ही जल्दी खून में घुलके ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाते है और दिमाग को सुकून मिलता है। इसलिए हम मिठाई खाना पसंद करते है। प्रमुख सिंपल कार्ब है चीनी, मिठाई, बिस्किट, पेस्ट्री, केक, कुकीज आदि का सेवन कम से कम करना है। दूसरा कॉम्प्लेक्स कार्ब जिसमें प्राकृतिक मिठास होती है। हमारे शरीर को जितना ग्लूकोज चाहिए उतना हमारे खाद्य पदार्थों जैसे चावल, डाल, रोटी, सब्जी आदि से मिल जाती है। तो हमें अपने खान पान में कॉम्प्लेक्स कार्ब बढ़ाने है। डीप फ्राई खाद्य पदार्थों, ज्यादा मसालेदार और फास्ट फूड से दूर रहना है समोसा, चिप्स, चाउमिन आदि
10) सकारात्मक रहना
स्वस्थ रहने में सकारात्मकता की बहुत बड़ी भूमिका होती है। हमें सकारात्मक होने के भरसक प्रयास करने चाहिए इसके लिए अच्छे लोगों से मित्रता करना, अच्छी पुस्तके पढ़ना, अच्छे वीडियो देखना आदि काम करते रहना है। सकारात्मक होने में हमारा आस्तिक होना भी एक बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए हम जिस भी ईश्वर को मानते है उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी है।
उम्मीद है लेख अच्छा लगा होगा। किसी भी तरह के प्रश्नों का स्वागत है। स्वस्थ रहने के लिए ज्यादा जानकारी के लिए मेरे 9889307067 पर वॉट्सएप या कॉल कर सकते है।
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