भारतीय जीवन बीमा निगम या किसी भी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सभी योजनाओं के मिलने वाले लाभ का मूल्यांकन कीजिए तो यह निष्कर्ष निकल कर आया कि इसमें सबसे अच्छी स्थिति की कल्पना करे तो भी अधिकतम रिटर्न 6% तक हो रही है जबकि मुद्रा स्फीति ही इसके आस पास होती है यानी कुल मिलाकर बीमा योजनाओं में निवेश करना एक घाटे का सौदा होता है।
भारतीय जीवन बीमा के सबसे अधिक लोकप्रिय एक योजना का इंटरनेट पर उपलब्ध एक आंकड़े से समझने का प्रयास करते है। एक 35 उम्र का व्यक्ति यदि एक लाभ का बीमा लेवे तो 25 साल की टर्म के लिए प्रीमियम लगभग 4500 रु दिखा रहा था। इस प्रकार कुल प्रीमियम 25 साल में जमा होगा 1.15 लाख। यदि सामान्य हालात हो तो 1.50 लाख और बेहतर हालात में यह 2.50 लाख मैच्योरिटी पर मिलेगा। हम बीच का मान लेते है 2 लाख। अब उसके बाद सम्बंधित व्यक्ति की जब भी मौत होगी तो 1 लाख पुनः मिलेगा यानी कुल अंतिम लाभ हो जाएगा 3 लाख। यह 3 लाख यदि 4500 का CAGR लिया जाय तो 6-7% के आस पास मिलता है, बल्कि इससे कम ही है।
अब यदि इसी 4500 रूपये को एसआईपी के माध्यम से निवेश की जाय और न्यूनतम ग्रोथ रेट 8% भी लिया जाय तो कुल लाभ हो जाता है 3.50 लाख। यदि वो इक्विटी फंड हो तो यहाँ 15% से अधिक का ही रिटर्न इस लॉन्ग टर्म में मिलेगा। यदि 15 को ही आधार माने तो लाभ 10.84 लाख होता है।
जानकारी ही बचाव है इसलिए पैसे को सही जगह निवेश करे और उच्चतम लाभ कमावे। यदि रिश्क के लिए इनश्योरेन्स ही लेना हो तो हर हाल में टर्म प्लान ले जो थोड़े से पैसे में लंबा सम एश्योर्ड मिलता है जो किसी अनहोनी की दशा में इतना पैसा मिले जो परिवार की जरुरतो को पूरा कर सके।
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