स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग करने के सफल तरीके की बात की जाय तो सबसे सफल तरीका स्विंग ट्रेडिंग को माना जाता है. इसे डिलेवरी, होल्डिंग या पोजिशनल आधार पर भी ट्रेडिंग करना कहा जाता है. जितने भी सफल ट्रेडर मिलेंगे वो सभी स्विंग ट्रेडिंग के मिलते है. इसमें स्टॉक को निचे के भाव पर खरीदकर कुछ दिन होल्ड करके ऊँचे भाव पर बेचा जाता है.
जरा इसे ठीक से समझते है
- Swing का अर्थ होता है = झूला
- Trading का अर्थ होता है = खरीदना और बेचना
जैसा कि हम सभी जानते है कि झूला झूलने के दौरान एक बार ऊपर जाता है और फिर वो अपने आप निचे आता है और वो जितना ही निचे जाता है उसे उतना ही ऊँचे जाने की उम्मीद और बढ़ जाती है. उसी तरह स्टॉक भी अपने तकनिकी और फंडामेंटल कारणों से ऊपर निचे होता रहता है तो जब वो निचे जाय तो वहां से पकड़ना और जब उंचा जाए तो बेचना इस तरह से बार बार निचे खरीदकर ऊँचे भाव पर बेचना ही स्विंग ट्रेडिंग कहा जाता है. इसके लिए स्टॉक को एक हफ्ते से लेकर कुछ महीनों तक होल्ड किया जाता है.
Swing Trading के अच्छा होने के कारण
यह बहुत ही पॉपुलर ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है. इसके लिए अपना ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी बनाकर धैर्य और अनुशासन के साथ ट्रेडिंग किया जाय तो महीने दो महीने की अवधि में आसानी से 5 से 10% से ऊपर के रिटर्न प्राप्त किये जा सकते है. यदि इसे लम्बे समय तक किया जाय तो आसानी से सालाना आधार पर 35/40% से ऊपर का चक्रवृद्धि रिटर्न लिया जा सकता है.
इसमें काम क्या करने है ?
पहला तो यह हमें अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी बनानी है वो कागज में लिखा हुआ होना चाहिए
दूसरा अपने पसंद के स्टॉक चुनने है ध्यान रहे वो स्ट्रोंग फंडामेंटल वाला होना चाहिए
तीसरा जितना पैसा हो उतने का ही सौदा उठाना है कोई लीवरेज नहीं लेना है क्योंकि लीवरेज लेना मतलब हम अपना वेल्थ डिस्ट्रॉय करने की ओर कदम बढ़ा रहे है
चौथा अपना जो भी मूल धन है उसे कम से कम 10 बराबर भागों में बांटना है क्योंकि यहाँ यह मानकर चला जा रहा है कि जैसे जैसे मौके मिलते है वैसे वैसे कम से कम 10 स्टॉक में ट्रेडिंग करना है
पांचवां जैसे ही 5/10% का लाभ हो पार्शियली प्रॉफिट बुक करना है या फिर टारगेट पूरा हो जाय तो पूरी तरह से भी निकला जा सकता है. इस बिच हमें सौदे में स्टॉप लोस भी लेकर चलना है. अपने घटे का लेवल देख कर ही सौदे में बने रहना है. वैसे मैं अपने स्विंग ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी में स्टॉप लोस टाइम फ्रेम लेकर चलता हूँ. जो भी सौदे करता हूँ महीने दो महीने का आधार होता है इसलिए यदि दो महीने में सौदे में कितना भी घटा हो रहा हो निकल जाता हूँ.
उपरोक्त काम को जितनी तल्लीनता से करेंगे आसानी से वेल्थ बनेगा. यदि 35% का CAGR निकाले जाय और 1 लाख रुपया लेकर ट्रेडिंग स्टार्ट किया जाय तो 5 साल में 4.48 लाख, 10 सालों में 20.10 लाख, 15 सालों में 90.15 लाख, 20 सालों में 4.04 करोड़ रुपये का वेल्थ बनाया जा सकता है. यह एक छोटा सा उदाहरण है हम पैसा इससे भी अधिक बना सकते है सब कुछ इस पर निर्भर करता है कि हम कितने अनुशासन और धैर्य से अपने ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी को फॉलो करते है.
Swing Trading के लिए स्टॉक कहाँ से चुने
बहुत बड़ा यक्ष प्रश्न है कि आखिर वो मिलेगा कहाँ जहाँ से हम ट्रेडिंग कर सकते है. इस सम्बन्ध में 14 अप्रैल 2021 को मैंने एक पोस्ट लिखी थी जिसका शीर्षक रहा How to select stock for trading ... ट्रेडिंग का एक बेहतरीन तरीका...पोस्ट का लिंक निचे है, को पढने पर काफी कुछ चीजे आसान हो जायेगी.
https://vskarahiya.blogspot.com/2021/04/how-to-select-stock-for-trading.html
बाकी उसे छोड़कर कुछ स्ट्रेटेजी यहाँ बता रहा हूँ जहाँ से स्टॉक फ़िल्टर किया जा सकता है
1) आल टाइम हाई वाले स्टॉक
2) 52 वीक हाई वाले स्टॉक
3) 52 वीक LOW वाले STOCKS
4) वॉल्यूम और डिलेवरी में वृद्धि वाले स्टॉक
5) 200 दिन मूविंग एवरेज तोड़ने वाले स्टॉक
6) गोल्डन क्रास बनाने वाले स्टॉक
7) ओवर BOUGHT और ओवर सोल्ड वाले स्टॉक
8) कैंडिल स्टिक चार्ट में WHITE MORBJU वाले स्टॉक
9) न्यूज़ या कोई इवेंट बेस्ड स्टॉक
क्रमांक 1 से लेकर 8 तक में से किसी एक या दो स्ट्रेटेजी को लेकर चले और उसकी सूचि की नियमित निगरानी की जाय. तो उसमें ढेर सारे ऐसे स्टॉक निकल कर आते है जहाँ ट्रेडिंग किया जा सकता है
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