आज के समाचार पत्र में दिया गया है कि ब्रिटेन में एक रिसर्च से पता चला है कि वजन बढ़ने पर कोरोना के खतरे अधिक है। गलत लिखा है, सही तथ्य तो यह है कि वजन बढ़ने से कोरोना ही नहीं डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट, घुटने दर्द जैसे अनगिनत बीमारियों को फलने फूलने का अवसर मिलता है। एक ज्यादा वजन वाला व्यक्ति एक सामान्य वजन के व्यक्ति की तुलना में ज्यादा अस्वस्थ होता है, उस पर बीमारियां जल्दी आक्रमण करती है क्योंकि ज्यादा वजन होने से हमारे शरीर के नाजुक अंगों को चारो तरफ फैट को लेयर बन जाती है जो उन अंगों की कार्यक्षमता को कम कर देता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। तो सेहत पर काम करने की शुरुआत सबसे पहले अपने वजन को लंबाई के हिसाब से आदर्श करना होगा। उसके लिए हाइट और वेट का एक चार्ट आता है, गूगल से निकालकर चेक कीजिए। यदि सही है तब तो कोई बात नहीं, अन्यथा इस पर आज से काम शुरू कर दीजिए।
यदि चार्ट नही देख सकते तो समाचार में बताए गए बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स को सही कीजिए। बॉडी मास इंडेक्स पूरी दुनिया में सेहत को नापने का एक लोकप्रिय पैमाना है। विज्ञान के अनुसार कुछ श्रेणिया है
19 से कम यानी कम वजन
19 से 24.9 सामान्य वजन
25 से 29.9 ज्यादा वजन
30 के उपर मतलब ऐसा मोटापा जो जीवन पर खतरे लाता है।
बीएमआई नापते कैसे है
अपने वजन में लंबाई मीटर का वर्ग करके भाषा किया जाता है। जैसे मैंने अपना निकालू तो आज का वजन 80 किलो और लंबाई लगभग 6 फिट 2 इंच को मीटर में है 1.84
बीएमआई=वजन/लंबाई*लंबाई
= 80/1.84*1.84
=23.66
लेकिन यह पहले ऐसा नहीं था। अब से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व मेरा वजन लगभग 100 किलो रहा था जिस पर बीएमआई 29.58 रहा था। बिल्कुल खतरे के निशान पर था। लेकिन मैं अपने मोटापे को लेकर एकदम चिंतित नहीं था वो तो भला हो हमारी श्रीमती जी का जो हम हेल्थ और न्यूट्रिशन क्लब लेकर गई और अपना वजन सामान्य कर दिया। वजन जो सामान्य हुआ उसके बाद मेरा खर्राटे, स्लिप एपनिया, शायटिका, कमर दर्द जैसी समस्याएं कब दूर हो गई, पता ही नहीं चला।
पहले मैं समझता था कि हेल्दी रहने के लिए योगा, व्यायाम, भाग, दौड़ करने पर आदमी स्वस्थ रहता है। किसी से पूछो कि स्वास्थ्य के लिए क्या कर रहे हो तो वो भी कहता है योग, टहलना, दौड़ करने की बात करता है जबकि अच्छे सेहत में भाग दौड़ की तो मात्र 20 प्रतिशत की ही भूमिका होती है, 80% योगदान तो हमारे खान पान का होता है। जब तक खान पान सही नहीं होगा, अच्छे सेहत की कल्पना नहीं की जा सकती। अच्छा खान पान मतलब विटामिन, मिनिरल, प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा 3 आदि पोषक पदार्थों से भरपूर डाइट लेना।
इस मामले में मैं अपनी श्रीमती जी का छात्र हूं वो आज एक हेल्थ और न्यूट्रिशन क्लब चला रही है जहां अनगिनत लोग अपने अच्छे सेहत को प्राप्त कर चुके हैं और बहुत सारे लोग अच्छे सेहत प्राप्त करने की यात्रा में लगे हुए है। वो अपने इस कार्य को जितनी सफलता पूर्वक कर रही है, उसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है। उपरोक्त जानकारियों में उनके हेल्थ क्लब का बहुत बड़ा योगदान है। जो मैं हेल्थ संबंधी जानकारियां शेयर करता रहता हूं, वो वहीं से मिलती है।
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