रविवार, 18 अप्रैल 2021

ऑक्‍सीमीटर और ऑक्सीजन का लेवल

वर्तमान कोरोना संकट में देश में बहुत बुरी खबर देखने और सुनने को मिल रही है। वायरस का संक्रमण अगर फेफड़े तक पहुंचता है, तो मरीज को सांस लेने में परेशानी हो सकती है जिससे शरीर में अगर ऑक्‍सीजन लेवल कम होता है तो जीवन संकट आन पड़ता है। ऑक्सीजन  की कमी आने पर बाहर से ये गैस देनी पड़ती है जिसकी भयंकर किल्लत हो गई है। 

कैसे पता करे ऑक्सीजन का लेवल
ऑक्‍सीजन लेवल सही है या नहीं ये ऑक्‍सीमीटर (Oximeter) या पल्स ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter) से पता चलता है। ऑक्सीमीटर डिजि​टल डिस्प्ले वाली एक छोटी सी डिवाइस मशीन होती है जो क्लिप की तरह उंगली में फंसाई जाती है जो नब्ज और खून में ऑक्सीजन लेवल की रीडिंग दिख जाती है. 
    यह त्वचा पर लाइट छोड़कर ब्लड सेल्स के रंग और उनके मूवमेंट को पकड़ता है. जिन ब्लड सेल्स में ऑक्सीजन ठीक मात्रा में होती है वे चमकदार लाल दिखाई देती हैं जबकि बाकी हिस्सा गहरा लाल दिखता है. इस तरह वो रीडिंग दिखा देता है। 
कितना होना चाहिए ऑक्सीजन लेवल
एक सामान्य व्यक्ति के ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल 95 से 100 फीसदी के बीच होता है. 95 फीसदी से कम ऑक्सीजन लेवल इस बात का संकेत है कि उसके फेफड़ों में किसी तरह की परेशानी है. और 92 फीसदी से नीचे हो तो समझिए व्यक्ति की स्थिति गंभीर है और उसे अस्पताल ले जाना चाहिए.

कितने का आता है
बाजार में मेडिकल स्टोर पर यह 1000 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक में मिल जाता है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें