लाभ की बातें
इस कॉलम के कई पाठक है और जब पोस्ट आने में लंबा समय निकलने लगता है तो लोग रिमाइंडर देने लगते है। हम भी क्या करे, हमारी भी बहुत व्यस्तताएं रहती है उसमें से जो थोड़े थोड़े लिखकर तैयार करता हूं और पूर्ण हो जाता है तो पोस्ट कर देता हूं।
बहरहाल अब टॉपिक पर आते है। इस समय दुनिया भर के शेयर बाजार के साथ साथ भारतीय स्टॉक मार्केट भी काफी नीचे चला गया है। निफ्टी अभी कुछ दिन पहले अपने 52 सप्ताह के लो पर चला गया था जो कुछ रिकवर होकर 15800 के आस पास आया है, लेकिन यह तेजी पर्याप्त नहीं है। लगभग सबका पोर्टफोलियों घाटे में नजर आ रहा है। ऐसे में सवाल आता है कि नए निवेशक क्या करें। आइए यहां कुछ ऐसी बातों पर चर्चा करते हैं जिसको अपनाकर हम घाटे से बच सकते हैं।
1) आप घाटे की स्थिति में है, घाटा हुआ नहीं है
यदि आप निवेशक है और अच्छे बिजनेस चुनकर स्टॉक खरीदते है तो निश्चिंत रहिए क्योंकि आपके निवेश की वैल्यू कम हुई है जो फिर से परिस्थिति बदलने पर बढ़ जाएगी लेकिन इस मध्य घबराकर स्टॉक बेच देंगे तो जो अभी तक घाटे को स्थिति में है उसे वास्तविक घाटे में बदल देंगे। ध्यान देना है मार्केट शॉर्ट टर्म यानी 2 से 3 साल की अवधि में उतार चढ़ाव उसका मूल स्वभाव है और लॉन्ग टर्म में मार्केट की दिशा अंततः उपर की ओर ही है। अपने देश में जनसंख्या इतनी अधिक है, उपभोग इतना अधिक है कि सोते रहे तब भी 10% से उपर का ग्रोथ मिलना ही है।
2) मार्केट के प्रति अधिक ज्ञान नहीं बल्कि इसके प्रति आपका व्यवहार सफलता दिलाता है
कुछ लोग हमेशा नई नई जानकारी लेते रहते है। मार्केट को मैथ समझकर पूरा फॉर्मूला समझना चाहते है फिर भी पैसा नहीं बना पाते है। उसके पीछे कारण है कि हम अपने को समझ ही नहीं पाते। जिसके अंदर बिजनेस को समझने को हल्का सा भी ज्ञान हो और साथ में धैर्य व अनुशासन हो तो ज्यादा ज्ञान रखने वालों से अधिक पैसा बनाता है। ज्यादा ज्ञान नहीं अपितु कम ज्ञान लेकिन उसका ज्यादा उपयोग पैसा दिलाता है। मेरे कई जानने वाले है जो मार्केट की बहुत समझ नहीं रखते, वो केवल कुछ स्टॉक चुनकर जब जब गिरता है उसे खरीदते और उपर जाने पर बेचने की प्रक्रिया में अनुशासन रखते है, वो दूसरों से अच्छा पैसा बनाते हैं।
3) मार्केट से दूर रहकर नहीं बल्कि बना रहकर पैसा बनता है
कुछ लोग जैसे ही मार्केट गिरावट आती है तत्काल होल्डिंग बेच देते है और गिरावट थमने का इंतजार करते है लेकिन गिरावट में भी भय के कारण खरीदारी नहीं कर पाते। मार्केट जब बढ़ता है तो बताकर नहीं बढ़ता है और जो मार्केट की टाइमिंग करने की कोशिश करते है वो पैसा नहीं बना पाते। इसलिए मार्केट में निकलना ही होगा तो आंशिक तौर पर ही निकलना चाहिए, पूरी तरह से कभी भी न निकले। सबसे बेहतर होता है कोई महीने का बजट बनाकर हर महीने खरीदारी करते रहिए, ये सबसे उत्तम तरीका है पैसे बनाने का।
4) कंपनी को पहले समझें, फिर निवेश करें
यह निवेश का पहला और बेसिक नियम है, जिसे हर एक निवेशक को फॉलो करना चाहिए। वैसे हर आदमी से यह उम्मीद करना मुश्किल है कि वह हर एक कंपनी की समझ रखे। इसके बावजूद हमें प्रयास करना चाहिए कि कम से कम कंपनी के बिजनेस की बेसिक समझ रखें, जैसे कंपनी क्या करती है और अपनी प्रतिद्वन्दी कंपनियों के सामने कैसे खड़ी है। सामान्य तौर पर हम जिन प्रोडक्ट को लंबे समय तक प्रयोग कर रहे है और आगे भी प्रयोग करते रहेंगे तो अच्छे बिजनेस होने की संभावना अधिक होती है। कुछ उत्पाद जिसे हम प्रयोग करते है कोलगेट, एशियन पेंट, हवेल्स, रिलायंस, टाटा, गोदरेज आदि बहुत सी है।
5) पोर्टफोलियों कैसा होना चाहिए
अक्सर हम देखते हैं कि निवेशक या तो अपने पोर्टपोलियो में विविधता नहीं रखते या फिर अत्यअधिक विविधता कर लेते हैं इसका आशय है कि नियमानुसार अलग अलग सेक्टर के स्टॉक रखने चाहिए, तो लोग या तो एक दो सेक्टर में ही पैसा लगाते है या फिर बहुत ज्यादा स्टॉक चुन लेते है। सामान्य तौर पर 10 से 20 अलग अलग सेक्टर के लीडर या पोटेंशियल वाले स्टॉक का पोर्टफोलियो आदर्श समझा जाता है। लोग ज्यादा लाभ कमाने या सभी स्टॉक से लाभ कमाने के लिए 50/60 स्टॉक रख लेते है। जबकि इन दोनों के बीच संतुलन रखना सबसे महत्वपूर्ण है। जैसे मान लीजिए आपके पास दस शेयर हैं और आपने किसी एक या दो सेक्टर के ही सारे शेयर ले रखें हैं। इससे बचना चाहिए. दस में से दो बैंकिंग सेक्टर, दो मेटल सेक्टर, दो फार्मा सेक्टर, दो टेक सेक्टर इस तरह से पोर्टफोलियों में विविधता रखनी चाहिए। ज्यादा संख्या में भी शेयर रखने से बचना चाहिए। इसलिए जोखिम से बचने के लिए एक संतुलित वाली पोर्टफोलियों रखें।
6) अपनी निवेश के सिद्धांत पर अडिग रहें
जब हम किसी कंपनी को निवेश के लायक समझते हैं तब हम उससे संबंधित कुछ प्रमुख मानक देखते हैं। कंपनी कितना विकास करेगी और भविष्य में कंपनी की रणनीति क्या होगी, ऐसी बहुत सारी चीजें हम समझते हैं। यह कंपनी का एक्सपेंसन प्रोजेक्ट, रेवेन्यू ग्रोथ, मार्केट शेयर गेन, प्रोडक्ट की आगे वैल्यू एडिशन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं। यदि इनमें से किसी भी चीज को आप निवेश के बाद गड़बड़ होते हुए पाते हैं तो तुरंत समीक्षा करिए।
हर निवेशक के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है इसे सीखना और इससे बचना। सभी लोग कभी न कभी, किसी न किसी स्टॉक में गलत निर्णय ले लेते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह हमारे सीखने की प्रक्रिया का भी हिस्सा है। अगर कभी आप गलत शेयर ले लिए हैं और घाटा हो रहा है तो घाटे से डरिए मत, उससे निकल लीजिए। ज्यादा देर मत करिए और किसी दूसरे स्टॉक में मौका देखिए। घाटे से डरिए मत, सीखिए.
7) पेनी स्टॉक से बचना चाहिए
पैनी उन स्टॉक को कहते है जिनके स्टॉक मूल्य 10 रू के आस पास के होते है। वैसे मेरे विचार से जिन स्टॉक के मार्केट कैपिटल बहुत कम हो जैसे 1000 cr के नीचे तो उन्हें पैनी समझिए। अक्सर नए निवेशक जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में पेनी स्टॉक में पैसा लगा देते हैं। उन्हे 2000 रुपए के 1 शेयर लेने की जगह 2 रू का 1000 शेयर लेना पसंद करते है। उन्हे लगता है कि 2 रुपया वाला 10 भी हो जाय तो 5 गुना हो जायेगा। लेकिन व्यवहार में उल्टा मिलता है 95% से अधिक पैनी स्टॉक वेल्थ डिस्ट्रॉय करते है। इनमें पैसा लगाने के लिए बहुत अधिक समझ की जरूरत पड़ती है जो सामान्य लोगों के लिए आसान नहीं होता। इसलिए किसी दूसरे का सुन के कि इस 2 रुपए के स्टॉक ने 6 महीने में 500% रिटर्न दिया, निवेश नहीं करना चाहिये। पेनी स्टॉक जब चढ़ता है या उसमें अपर सर्किट लगने लगता है तो लोग पैसा लगाने के लिए जल्दीबाजी करने लगते है। लेकिन जब पेनी स्टॉक गिरता है या उसमें लोअर सर्किट लगता है तो निवेशक शेयर बेच भी नहीं पाते औऱ घाटा उठाना पड़ता है। इसलिए हमेशा फंडामेंटली मजबूत कंपनियों में निवेश करें।
8) रातों रात अमीर बनने की चाहत वाले शेयर बाजार से दूर रहें
अक्सर नए निवेशक शेयर बाजार में रातों रात करोड़पति बनना चाहते हैं। वो किसी और का सुन रख होते हैं या फिर बाजार को सट्टा का अड्डा समझते है। ऐसा सोचने वालों को बाजार से दूर रहना चाहिए। शेयर बाजार लॉन्ग टर्म के लिए निवेश की बेहतर जगहों में से एक है न कि जुआ घर। मजबूत कंपनी में निवेश करिए औऱ लंबे समय या मध्यम अवधि के लिए अच्छा रिटर्न पाइए। ये शुद्ध रूप से बिजनेस है कम्पनी का प्रॉफिट बढ़ता है तो स्टॉक के मूल्य बढ़ते है। जिसके लिए धैर्य और संयम की जरूरी पड़ती है।
9) फ्यूचर/ऑप्शन/इंट्रा डे ट्रेडिंग से दूर रहे
लोग ट्रेडिंग से पैसा नहीं कमा पाते है, हालांकि उन्हे लगता है वो पैसा कमा रहे है। वो बकरी को खाते हुए देखा है बहुत तेज खाती है लेकिन मात्रा में कम खाती है। उसी तरह ट्रेडिंग में होता है। पैसा स्विंग ट्रेडिंग में मिलेगा और बड़ा पैसा निवेश से मिलेगा।
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