रविवार, 27 जून 2021

यूनाइटेड किंगडम, ब्रिटेन और इंग्लैण्ड में अंतर

हम सभी पिछले कई सालो से एक देश के सन्दर्भ में यूनाइटेड किंगडम, ब्रिटेन और इंग्लैण्ड नाम प्रयोग होते सुनते आये है। इधर पिछले कुछ हफ़्तों से बहुत ज्यादा सुनने को मिल रहा है लेकिन इन सबमे क्या अंतर है या क्या ये तीनो नाम एक ही देश के नाम है, बहुत कम लोगो को इसका पता होगा। आईये इस बारे में संक्षेप में जानकारी बढ़ाते है। 

युनाइटेड किंग्डम एक देश नहीं है बल्कि 4 देशों का संगठन है। ये देश हैं- इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्थन आयरलैंड। 

ग्रेट ब्रिटेन वास्तव में कोई राजनीतिक नाम नहीं है। यह एक भौगोलिक नामकरण जैसा है। यह युनाइटेड किंग्डम के उस भूभाग से संबंधित है जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स का हिस्सा आता है। वास्तव में, युनाइटेड किंग्डम एक शॉर्ट वर्जन है जिसका पूरा नाम 'द युनाइटेड किंग्डम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉर्दर्न आयरलैंड' है।

अब इंग्लैण्ड तो क्लियर हो ही गया होगा।

गुरुवार, 17 जून 2021

Horse Blinders क्या होता है

हम सभी ने अक्सर ऐसे घोड़ों को देखा होगा जो उनकी आंखों को ढक दिया गया रहता है। क्या कभी हमने जानने का प्रयास किया है कि यह क्यों लगाया जाता है और इसका महत्व क्या है। 
  दरअसल घोड़े की आंखों का दृष्टि क्षेत्र 180° होता है जिससे तांगे में चलते हुए या घुड़दौड़ आदि में उसका ध्यान इधर उधर भटक जाता है और वो बिदक जाता है। इस समस्या से समाधान के लिए घोड़े के दोनों आंखों के बाहर की तरफ़ चमड़े की पट्टी लगाने की शुरुआत हुई जिसे Horse Blinders कहा जाता है।  Horse Blinder लगाने के बाद घोड़ा का दृष्टि क्षेत्र 30° तक ही सीमित हो जाता है और इससे वो सिर्फ सामने अपना ध्यान केंद्रित रखता है।

शनिवार, 12 जून 2021

बीजू और कलमी आम

आप सोचेंगे कि इस आम के चित्र क्या ख़ास बात है,  संख्या में कुल 8 है सभी पके है हाँ इनके आकार में जरूर अंतर है। बहुत कुछ है इस चित्र में, आईये कुछ जानकारी बढ़ाते है----

वस्तुतः आम के पैदा किये जाने के तरीके के आधार पर आम दो प्रकार का होता है प्रथम बीजू जिसे गुठली से पेड़ लगाया जाता है. ये पेड़ काफी विशाल होते है और फल काफी आकार में छोटे होने के साथ पैदावार भी कम होती है। इसके फलो को गुणवत्ता उच्च कोटि की होती है इसके अंदर रोगों से लड़ने वाले कई तत्व पाये जाते है। 
द्वितीय किस्म है कलमी का जिसमे किसी पेड़ की डाल को थोडा छीलकर मीट्टी से किसी तरीके से एक तय समय के लिए ढक देते है तो उसमे  से जड़ निकलता है और वहां से एक नए पेड़ बन जाता है फिर उसे कहीं भी काटकर लगाया जा सकता है। इसके पेड़ काफी छोटे और फल काफी बड़े होने के साथ साथ पैदावार भी काफी अधिक होती है। इसलिए व्यावसायिक दृष्टि से कलमी काफी सफल रहता है। इसके फल की गुणवत्ता काफी कम होती है और इसे खाने से डायबटीज भी हो सकता है। 

लखनऊ में आम की पैदावार खूब होती है यहाँ के मलीहाबादी आम काफी दूर दूर तक जाता है और इसके दशहरी के काफी लोग दीवाने है। मैं लखनऊ में रहता हूँ इसलिए आम खाकर तृप्त हो जाता हूँ। मैं एक खासियत पिछले 7-8 सालो से देख रहा हूँ और वो है इसकी कीमत में। एक सामान्य नौकरी करने वाले की आय इस अवधि में दो गुने से अधिक बढ़ी है लेकिन आम की कीमत औसतन  वही 25-40 रूपये किलो के भाव से है। पता नहीं किसान को कितना मिलता होगा इसमें से। पता नहीं क्यों कृषि से सम्बंधित बस्तुओं में उत्पादकों को वो लाभ मिल पाते जो लाभ दूसरे पेशे के लोगो को मिल जाया करता है। आज भी लौकी, करेला, तरोई, बैगन, टमाटर, भिन्डी आदि की कीमत 20-30 रु प्रति किलो है। कभी कभार किल्लत होती है तो जरूर एक दिन दो दिन के लिए उछाल मार देता है जिसका भी लाभ उत्पादकों को नहीं मिल पाता। कृषि से सम्बंधित पूरी की पूरी इंडस्ट्री असंगठित है बिचौलिए लाभ सबसे अधिक ले रहे है। 

अब चित्र पर आते है ऊपर वाले चारो बड़े दशहरी है कलमी है और बाजार से क्रय किये हुए है। चुकी फ्रिज से निकाला है इसलिए उस पर कुछ बर्फ का भी अस्तित्व दिख रहा है। निचे के चारो बीजू किस्म के है जो मेरे आवास में लगे पेड़ से गिरे है। मैं दोनों का लाभ ले रहा हूँ।

मंगलवार, 8 जून 2021

वर्षा के प्रकार

 गर्मी से राहत के लिए वर्षा का इंतजार किया जा रहा है। तो आइए जानते है कि वर्षा कैसे होती है-------

वर्षा सामान्यतया दो किस्म की होती है । 
1-मानसूनी वर्षा और
 2- संवहन वर्षा। 
मानसूनी वर्षा मैदानी इलाको में होती है जब हवा उच्च वायुदाब से निम्न वायु दाब की ओर जाती है तो अपने साथ बारिश भी लाती है। अपने देश के सन्दर्भ में गर्मियो में उत्तर पश्चिम इलाके में तापमान काफी अधिक होने के कारण निम्नवायु दाब जोन बन जाता है। हवा की यह प्रकृति है कि वो हमेशा उच्च वायुदाब से निम्न वायु दाब की ओर जाती है। अरब सागर में उच्च वायु दाब होता है इसलिए यहाँ से हवा चलती है जो भारत के पश्चिमी घाटो से प्रवेश कर पूर्वी घाट होते हुए बंगाल की खाड़ी होकर पुनः भारत के मैदानी इलाके में प्रवेश करती है। इस समय समुद्र से नमी भी साथ रहती है जो वर्षा को जन्म देती है। 
फिर यही जाड़े के दिनों में हवाए वापस आती है तो तमिलनाडु और आन्ध्र में बारिश करती है। इसे लौटती मानसूनी वारिश कहते है। 

अब आईये संवहन पे आते है। ये पहाड़ी इलाको और अत्यंत गर्म प्रदेशो में बारिश करता है। जब कोई क्षेत्र चारो ओर पहाड़ी से घिरा होता है तो हवा गर्म होकर ऊपर उठनी शरू हो जाती है जो एक पॉइंट के बाद बारिश होने लगता है। मासिन राम और चेरापूंजी जैसे जगहों की वर्षा इसी श्रेणी में आती है। दुसरा विषुवत रेखीय प्रदेशो में जहाँ अत्यंत गर्मी होती है वह भी ऐसे ही बारिश होती है।