हालांकि यह ट्रेनिग इस बार दक्षिण और उत्तरी भारत को अलग अलग कर दिया था। 22,23 व 24 को दक्षिण के और 24,25 व 26 को उत्तरी भारत का था। 24 तारीख को बड़ा ट्रेनिग रहा जिसमें चुनिंदा दक्षिण और उत्तर दोनों तरफ के क्वालीफायर थे। बहुत आश्चर्य होता है जो इस सिस्टम में सक्रिय होकर कि इतने लोग इस डायरेक्ट सेलिंग कंपनी कार्य कर लोगों के जीवन को अच्छा कर रहे है।
इस संख्या पर आश्चर्य का कारण दूसरे कंपनियों में भी तो ऐसी भीड़ होती है। तो नोट कीजिए
1. पहली चीज तो ये सभी लोग क्वालीफाई करके गए थे
2. बहुत से ऐसे एसोसिएट थे जो क्वालीफाई तो किए थे लेकिन नहीं गए थे
3. ये सभी लोग अपना पैसे खर्च करके गए थे। एक अनुमान के अनुसार एक व्यक्ति नहीं नहीं तो भी 25 हजार से अधिक का खर्च किया होगा।
4. 25 हजार उस तरह से कि टिकट ही 6000 का था, बैंगलोर आने जाने का किराया और वहां रहने खाने का भी खर्च जोड़ लीजिए तो इतना तो बैठ ही जाएगा।
यात्रा से पूर्व की दशा
यात्रा से पूर्व की दशा सही नहीं थी क्योंकि एक नजदीकी रिश्तेदार की मृत्यु हो गई जिसमें हम 22 जून तक उसमें व्यस्त थे। 22 को लखनऊ आने के बाद तैयारी किए और सुबह 6 बजे ही निकलना पड़ा क्योंकि 9 बजे की फ्लाइट थी। घर पर अपने दोनों बच्चों को छोड़कर निकल गए। उनके लिए भोजन बनाने के लिए लोग थे। जानकारी के लिए बता दूं कि मेरी पत्नी के बहुत अधिक व्यस्त रहने के कारण घर में सुबह शाम खाना बनाने के लिए आदमी रख रखा है।
यात्रा की शुरुआत
नियमानुसार फ्लाइट के टाइम से 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना होता है। फ्लाइट 9.50 पर अमौसी एयरपोर्ट पर थी जबकि 12.25 बैंगलोर पहुंचना था। इस प्रकार मुझे 7.50 तक लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंच जाना चाहिए। इसे देखते हुए 6 बजे बादशाह नगर मेट्रो स्टेशन पहुंच गए। वहां से अमौसी एयरपोर्ट का 3 टिकट लिया क्योंकि हम तीन लोग थे, एक टिकट 50 रु का था। वहां टिकट काउंटर पर एक लोग के पास खुदरा पैसे नहीं थे उन्हें चार बाग का टिकट चाहिए थे, बहुत देर से लोगों की राह देख रहे थे । तो मैंने उनका भी पैसे देकर टिकट उन्हे दिला दिया। सिक्योरिटी चेक के बाद प्लेटफार्म पर गया जहां 7 मिनट बाद अमौसी जाने वाली मेट्रो आ गई जो 40 मिनट बाद हमें उतार दी।
ये फ्लाइट एयर एशिया की थी और सौभाग्य से एक सीट विंडो वाली थी। लगेज चेक इन किया गया, हमारे बैग का वजन 19 किलो था जो एक टिकट पर 15 किलो ले जाने की अनुमति रहती हैं। चूंकि मेरे पास 2 टिकट रहा इसलिए 30 किलो तक का सामान ले जा सकता था।
वहां से निकलने के बाद जब सिक्योरिटी चेक से गुजर कर अंदर पहुंचे तो बहुत सारे साथी मिले जो सेम फ्लाइट से बैंगलोर जा रहे थे।
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