शुक्रवार, 3 मई 2024

मुंबई की मेरी चौथी यात्रा

जी हां ये शायद मेरी चौथी यात्रा रही। इससे पहले जब भी मुंबई गया था पहले पुणे जाता था, फिर वहां से मुंबई एक दो दिनों के लिए जाता था। जहां तक मेरी याद है पहली बार साल 2008 में, दूसरी बार 2014 और तीसरी बार 2015 में गया था। वैसे कहा जाता है कि मुंबा देवी का कुछ इस तरह का आशीर्वाद है कि जो एक बार मुंबई जाता है वो 3 बार मुंबई अवश्य जाता है।
इस बार की मेरी मुंबई यात्रा 4 दिनों की थी। 21 सितंबर को जाना और 24 को आना। इससे पहले की यात्रा ट्रेन से होती थी। सुबह 6 बजे रविवार को लखनऊ पुणे 2104 ट्रेन से जाते थे या तो इसी ट्रेन से आते थे या फिर मुंबई से पुष्पक एक्सप्रेस से। बहरहाल 20 की रात्रि में ही बैग पैक कर लिया गया था। 2 दिन की ट्रेनिंग रही थी इसलिए इन दोनों दिनों के लिए स्पेशल कपड़े लिए गए थे। एक बड़ा ट्रॉली बैग और साथ में एक पिट्ठू बैग हुआ। वजन के बारे में ज्यादा चिंता नहीं थी क्योंकि पहली चीज तो फ्लाइट एयर इंडिया की थी जिसमें लगेज में एक टिकट पर शायद 25 किलो तक लेकर जा सकते है। बाकी फ्लाइट में 15 किलो का ही होता है जिसके अधिक होने पर अतिरिक्त पैसा देना पड़ता है। हमारा दो टिकट था इसलिए एयर इंडिया को छोड़कर भी 30 किलो ले जा सकता था। मैने घर पर ही बैग का वजन कर लिया था जो 18 किलो का था और पिट्ठू बैग 6 किलो का ... मतलब सामान के लिए मुझे अतिरिक्त पैसे नहीं देने था।

एयर इंडिया का टिकट क्यों लिया गया
जैसा कि सभी लोग जानते है मैं ग्रुप में यात्रा करता हूं। मेरी न्यूट्रीशन क्लब की एक कम्युनिटी है जिसमें हम लोग अपने और दूसरों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मदद करते है। तो कम्युनिटी में जैसा निर्देश होता है उसी के अनुसार हम करते है। तो 17 अगस्त को कहा गया कि लखनऊ से मुंबई आने और जाने टिकट करना था। फिर क्या था टिकट कर दिया जिसमें दोनों तरफ की यात्रा का 18778/ रुपया लगा। और हां टिकट लेते समय ही मैंने जाने की सीट भी 7E और 7F सुरक्षित कर लिया था। 

मेरी कम्युनिटी कैसी है
मैं एक कम्युनिटी का हिस्सा हूं जहां एक निर्धारित फीस देकर सदस्यता लिया जा सकता है। इसमें सभी लोग बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रयासरत रहते है। इसमें प्रतिदिन zoom पर एक्सरसाइज और न्यूट्रीशन क्लास प्रोवाइड कराई जाती है जिसमें लॉन्ग टर्म में अपने वजन को सही रखने के साथ साथ healthy कैसे रहे सिखाया जाता है। यदि कोई क्लास अटेंड कर ले और उस सिखलाई को प्रयोग करता रहे तो ताउम्र अपने वजन को नियंत्रित किए रहेगा। इस कम्युनिटी का कोई भी हिस्सा बन सकता है जिसे जानकारी चाहिए वो मेरे नम्बर 9889307067 और 7272957000 पर संपर्क कर सकता है।

कम्युनिटी में कहां कहां भ्रमण कर चुके है
मैने दिसंबर 2019 में इस कम्युनिटी का हिस्सा बना और भ्रमण की शुरुआत जुलाई 2022 से हुई। पहली यात्रा रही बंगलुरू की इंडिगो फ्लाइट। ये मेरा पहली फ्लाइट यात्रा का अनुभव था। उसके बाद दूसरी नवंबर 2022 में बैंकॉक, थाईलैंड की जिसमें लखनऊ से दिल्ली एयर एशिया और उसके बाद दिल्ली से थाई एयरवेज की बैंकॉक तक। इसके बाद तीसरी फरवरी 2023 में दिल्ली की यात्रा ये भी एयर एशिया से रहा। चौथी जून 2023 में कम्युनिटी से बाहर लखनऊ से पुणे की व्यक्तिगत यात्रा रही इंडिगो और एयर एशिया से। उसके बाद पांचवीं यात्रा लखनऊ से बंगलोर की जुलाई 2023 में। इस प्रकार ये मेरी छठवीं यात्रा है।

यात्रा की शुरुआत
21 सितंबर को 2 बजे फ्लाइट थी, चूंकि 2 घंटे पहले पहुंचना होता है इसलिए 12 बजे तक अमौसी एयरपोर्ट पहुंच जाना था। ये दूरी मेरे निवास से लगभग 40 मिनट में हो जाती है। तो हम 11.15 बजे घर से निकल गया। 
12 बजे अमौसी एयरपोर्ट के मेट्रो स्टेशन पर पहुंच गए। मेट्रो से बाहर निकलकर ट्राली बैग को खींचते हुए डिपार्चर तक पहुंचे। चेक इन में बैग देकर बोर्डिंग पास लेकर security चेक कराकर एयरपोर्ट में दाखिल हो गए।
फ्लाइट के लिए गेट नंबर 4 से जाना था जो फर्स्ट फ्लोर पर था तो एस्केलेटर के माध्यम से जब वहां पहुंचे तो कम्युनिटी के कई लोग वहां मिले। वहां खड़े होकर कुछ फोटो ग्राफी किए।
जब गेट नंबर 4 से फ्लाइट पकड़नी होती है तो सीधे फ्लाइट के अंदर जाने की व्यवथा होती है। जबकि नीचे ग्राउंड फ्लोर से फ्लाइट पकड़नी होती है तो बस से प्लेन तक ले जाया जाता है। 
तो फर्स्ट फ्लोर से जाने पर एयरपोर्ट से फ्लाइट को जोड़ने वाले गलियारा का गजब का व्यू होता है। इसका नाम मुझे नहीं पता, ये अलग से बना होता है जिसे फ्लाइट के गेट से जोड़ा जाता है। इस बीच फ्लाइट में प्रवेश करते समय भी बोर्डिंग पास देखी जाती है। फ्लाइट की यात्रा में जांच के कई लेयर होता है जिसमें गलत आदमी के फ्लाइट में जाने की आशंका बहुत ही कम होती है।
ये वो फ्लाइट नहीं है जिसमें मुझे बैठना है। ये खड़ी थी लग रहा था कहीं से हाल ही में आई थी।

इस तरह हम फ्लाइट में अंदर आ गए।
एयर इंडिया की सर्विस अच्छी थे। इनके कर्मचारियों के पहनावे देखकर भारतीयता स्पष्ट दिख रही थी। कई जगहों पर अंग्रेजी के साथ साथ हिंदी में लिखना सुखद लगा। और सबसे अच्छा लगा इनका लंच पैकेट। हालांकि उसका फोटो तो नहीं लिया, जिसका मुझे बेहद अफसोस है। पैकेट में एक तंदूरी होती रही बटर लगा हुआ, थोड़ा सा चावल था जिसके साथ सब्जी और दाल भी थी। एक छोटा सा पेस्ट्री था और मदर डेयरी का दही था जिसके लिए अलग से चीनी दे रखा था। और हां सलाद भी था जिसमें खीरा और नींबू का एक टुकड़ा था। भोजन एक आदमी के लिए पर्याप्त था। 
फ्लाइट लगभग 35 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी जहां फ्लाइट के बाहर सिर्फ बादल ही बादल दिख रहे थे। लगता था मानो किसी ने बर्फ की चादर फैला दिया है।
टिकट और बोर्डिंग पास के अनुसार फ्लाइट को शाम 4.20 बजे पहुंचना था लेकिन 4 बजते बजते पहुंच गया। मुंबई एयरपोर्ट यानी छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है और बहुत ही बड़ा व शानदार बना है। यहां से दुनिया के कई देशों की उड़ान मिल जाती है। 
एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हमारे पूरे ग्रुप की एक फोटो ली गई उसके बाद बस में बैठने की भी ली गई।

वहां होटल आने में लगभग 45 मिनट का समय लगा और होटल हमारा जुहू बीच के बिलकुल पास में ही था। होटल एमराल्ड रेजेंटा था और हम लोग होटल रिजेंटा में ही बंगलोर में भी रुक थे। होटल में चेक इन करने के बाद तत्काल जुहू बीच पर घूमने चले गए। समय शाम में लगभग 8 बजे थे। जुहू बीच पर समुद्र की आती लहरों से मजा आ गया। 
काफी फोटो लेने के बाद वहीं पर मौजूद फूड प्लाजा में बड़ा पाव, पाव भाजी, भेल पूरी का आनंद लिया गया। इस तरह रात में होटल में आ गए क्योंकि सुबह जल्दी निकलना था। 
सुबह 6.45 पर बस आ गई वेन्यू तक ले जाने के लिए। वैन्यू था जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर, क्या गजब का बना है। ये मुंबई के बांद्रा में स्थित है मतलब प्रमुख जगह में है।  कितना विशाल है उसे इसी से समझ लीजिए कि हम लोग 20 नंबर गेट के पास उतरे थे। तीन मंजिला पर अपना कार्यक्रम था। बहुत ही विशाल है, इतना खूबसूरत और इतना बेहतरीन बना है कि शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
सुरक्षा के जबरदस्त प्रबंध है, xray बैगेज मशीन लगी हुई है यानी कुछ भी बागौर जांच के अंदर नहीं जा सकता। 
रजिस्ट्रेशन करते हुए। जहां एक बैंड पहनाया जाता है तथा एक विशेष गिफ्ट भी मिलता है।


दो दिन मुंबई में गुजरने के बाद वापस लखनऊ आ गए।





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