ताजा ताजा खाद्य पदार्थों का उपयोग करना चाहिए। सभी खाद्य पदार्थों के शुद्ध रहने की एक समयावधि होती है, जो उसके पैकेट पर लिखा रहता है। उस समय के व्यतीत होने के बाद वो खराब होने लगता है और उसमें कीड़े पड़ जाते है। कुछ खाद्य पदार्थों को केमिकल मिलाकर उसके खराब होने की प्रोसेस को धीमा कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए आटा को ही ले तो बहुत कुछ उसमें मिलावट होती है जो नुकसान करती है।
एक प्रयोग करके देखें गेहूं का आटा पिसवा कर उसे 2 महीने स्टोर करने का प्रयास करें,आटे में कीड़े पड़ जाना स्वाभाविक हैं,आप आटा स्टोर नहीं कर पाएंगे।
फिर ये बड़े बड़े ब्रांड कैसे आटा स्टोर कर पा रहे हैं? यह सोचने वाली बात है।
एक केमिकल है- बेंजोयलपर ऑक्साइड, जिसे ' फ्लौर इम्प्रूवर ' भी कहा जाता है। जिसे अधिकतम 4 मिलीग्राम तक प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन आटा बनाने वाली फर्में 400 मिलीग्राम तक ठोक देती हैं। कारण क्या है? आटा खराब होने से लम्बे समय तक बचा रहे। बेशक़ उपभोक्ता की किडनी का बैंड बज जाए।
कोशिश कीजिये खुद सीधे गेहूं खरीदकर अपना आटा पिसवाकर खाएं।
नियमानुसार आटे का समय..
ठंड के दिनों में 30 दिन
गरमी के दिनोंमें 20 दिन
बारिस के दिनोंमें 15 दिन का बताया गया है।
ताजा खाइये स्वस्थ रहिये...
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