बुधवार, 19 जुलाई 2023

स्टॉक मार्केट में सफलता का आसान तरीका

शेयर मार्केट में जोखिम सबसे बड़ा कारक होता है जिससे सामान्य लोग दूरी बनाए रखते है। स्टॉक मार्केट के संबंध में मेरा मत है कि जीवन में जितनी भी हम गलतियां करते है उसमें से सबसे बड़ी गलतियों में से एक आता है शेयर बाजार को न समझना। सारा जीवन हम पैसे कमाने के चक्कर में भागते रहते है लेकिन कभी पैसे के प्रति अपनी समझ को नहीं बढ़ाते। 
 बहरहाल यहां स्टॉक मार्केट में सफलता पाने का कुछ तरीका बता रहे है जिसे समझकर एक सामान्य आदमी भी आगे बढ़ सकता है। 

1) फ्यूचर/ऑप्शन नही करना है क्योंकि यदि इस सेगमेंट को जुआ कहा जाय तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। थोड़ा पैसा लगाकर ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में लोग इस सेगमेंट में प्रवेश करते है और नुकसान उठाकर बाहर हो जाते है।इस सेगमेंट में लाभ कमाने वाले शायद ही कोई दिखे क्योंकि इस सेगमेंट में काम करने के लिए जिस स्तर की जानकारी, अनुभव, अनुशासन, पैसा, समय, सतर्कता चाहिए वो एक रिटेल निवेश के वश के बाहर की होती है। इस प्रकार इस सेगमेंट से दूर रहना श्रेयस्कर होता है।

2) इंट्रा डे नहीं करना है। यदि इंट्रा डे को भी जुआ कहा जाय तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। जितना ही समय कम होता जाता है स्टॉक मार्केट की भविष्यवाणी उतनी ही कठिन होती जाती है। बहुत सारे लोगों को लगता है कि स्टॉक मार्केट से रोज पैसा निकाला जा सकता है जो कि उनका भ्रम होता है। इस सेगमेंट में भी काम करने के लिए जिस स्तर की जानकारी, अनुभव, अनुशासन, पैसा, समय, सतर्कता चाहिए वो एक रिटेल निवेश के वश के बाहर की होती है। 
     नंबर 1 और 2 सेगमेंट ब्रोकर के लिए सबसे अधिक लाभ वाला सेगमेंट होता है इसलिए इस उनके द्वारा सबसे अधिक प्रमोट किया जाता है, हम जितना पैसे देते है उससे कभी अधिक आकार में सौदे करने के अवसर प्रदान किए जाते है। जैसे हम 50 हजार रुपए उन्हे देते है उसका 3 से 5 गुना से भी अधिक रुपए के सौदे करने का लालच दिया जाता है। हम बड़े सौदे ये सोचकर करते है की लाभ भी अधिक होगा जबकि होता उलटा है। इसलिए नुकसान बहुत अधिक हो जाता है। हम लोग चाहे स्टॉक खरीदे या बेचे, ब्रोकर को दोनों तरफ से फायदा होता है। हम सभी अपने ट्रेडिंग का बड़ा हिस्सा ब्रोकरेज में से देते है। इस प्रकार दोनों से ही दूर रहना सही होता है।

3) जितना पैसा हो उतने का ही सौदा करना है।  ये सफलता का एक बड़ा आधार है। जितना हमारे पास पैसे हो उतने का ही सौदा लेना चाहिए। इससे क्या होगा कि मार्केट के अचानक दूसरी दिशा में जाने पर हमें ब्रोकर को पैसे नहीं देने होते है। फिर एक समय बाद वो स्टॉक ऊपर आ जाता है। दूसरी चीज कोई उधार और कर्ज लेकर ट्रेडिंग भी नहीं करना है।

4) इसके साथ जिन पैसे के साथ शर्त जुड़ी हो उसे भी यहां लगाने से बचना चाहिए। जैसे 1 को सैलरी हमारे खाते में आती है और कोई 15 को ईएमआई जाती है तो हमें लगता है कि 15 तक ये पैसा बेकार में खाते में पड़ा हुआ है क्यों न इसे ट्रेडिंग में लगा दे। ये एक घातक निर्णय होगा क्योंकि इससे दोहरा नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है।

5)  इन्वेस्टमेंट कम ट्रेडिंग करना है इसका मतलब है कि अच्छे स्टॉक को चुनकर इन्वेस्टमेंट करने है तथा ट्रेडिंग भी करनी है तो स्विंग ट्रेडिंग करना है। स्विंग ट्रेडिंग में मतलब सौदे को एक से अधिक दिन तक होल्ड करना। कुल मिलाकर हमें इन्वेस्टमेंट यानी लॉन्ग टर्म के उद्देश्य से पैसे लगाने है तथा शॉर्ट टर्म मे कोई अवसर दिखे या बहुत ज्यादा प्रॉफिट दिखे तो ट्रेडिंग भी करनी चाहिए। कुल मिलाकर यह है कि हमें ज्यादा से ज्यादा फोकस लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को करना है जबकि ट्रेडिंग कम करनी है। पैसे की बात की जाय तो कितना पोर्टफोलियो साइज हो उसका 10/20% हिस्सा ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जिसके लिए स्माल कैप और पैनी स्टॉक से दूरी रखनी है।

6) अच्छे स्टॉक की सूची बनाइए
पिछले कुछ सालों से मार्केट को आउट परफॉर्म करने वाले अपने पसंदीदा 15/20 स्टॉक की वॉचलिस्ट बनाना है। जैसे एचडीएफसी, hdfc bank, रिलायंस इंडस्ट्री, टीसीएस, एशियन पेंट, टाइटन, बजाज फाइनेंस, पिडिलाइट, एस्ट्रल, हैवेल्स, वरुण वेबरीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे स्टॉक के पिछले 10 सालों के प्रदर्शन को देखेंगे तो पाएंगे कि ये स्टॉक मार्केट के सबसे मजबूत स्टॉक है जिसमें साल में 2/3 बार एंट्री/exit के मौके मिलते है। जब जब ये स्टॉक नया ऊंचाई बनाते है वहां बेचकर नीचे आने पर फिर खरीदारी के लिए प्रयास किया जा सकता है। यहां यह ध्यान देना है कि यदि वो स्टॉक निफ्टी 50 और निफ्टी नेक्स्ट 50 के हो तो ज्यादा सही रहेगा। क्योंकि वो स्टॉक फंडामेंटल तौर पर बहुत स्ट्रॉन्ग होते है। जब नीचे आये खरीदो और जब नईं ऊंचाई को जाए बेचो ।

7) खरीदने बेचने के सही लेवल क्या हो
इस के लिए स्टॉक का  10/20/50/ 100/200 दिन के मूविंग एवरेज को आधार बनाना चाहिए। 

8) अगर नीचे खरीदा है और वहाँ से और नीचे आ गया है तो इन्वेस्टमेंट समझ के भूल जाओ थोड़े दिनों में ऊपर आ जाएगा

9) इस पूरी प्रक्रिया को अनुशासन के साथ बार बार करते करते अपने ट्रेडिंग/इन्वेस्टमेंट आइडियोलॉजी का  एक्सपर्ट बनना है।

10) फाइनेंस को ठीक से समझने के लिए लगातार सीखते रहना है। सफल लोगों के ट्रेडिंग/,इन्वेस्टमेंट आइडियोलॉजी को समझते रहना है। 

फिर एंजॉय कीजिए वेल्थ को

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