मंगलवार, 30 मार्च 2021

गर्मी के दिनों के लिए अच्छे सेहत टिप्स

गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है, धीरे धीरे तापमान बढ़ने लगा है। अपने देश में गर्मियों का मौसम मार्च से जून तक का माना जाता है जिसके बाद बरसात का मौसम माना जाता है। लेकिन जिस तरह से पूरी दुनिया में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हुआ है, गैसों का उत्सर्जन बढ़ा है, गर्मियों के समय में काफी वृद्धि देखी गई है। अब गर्मियां सितंबर अक्टूबर तक देखी जा रही है। कुल मिलाकर निष्कर्ष यह है कि गर्मियां लंबे समय तक पड़ रही है और अन्य मौसम छोटे हो रहे हैं लेकिन जितने भी समय तक रह रहे है वो भी रिकार्ड तोड़ पड़ रहा है।ऐसे में हमें गर्मी हमारे सेहत को खास तौर पर प्रभावित करती है। सतर्कता बहुत जरूरी है। 
    धूप की तपिश असहनीय होती है। इस मौसम में थकान, नींद अधिक आना, सुस्ती, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, भूख न लगना, सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में दर्द जैसी कई समस्याएं आती हैं। कुछ सावधानिया बरत कर हम इनसे बच सकते हैं :
1) पानी का अधिक पीना 
वैसे तो शरीर का 70% हिस्सा पानी का है इसलिए पानी हमेशा अधिक से अधिक पीना चाहिए। पानी अपने आप में 100 से अधिक बीमारियों का इलाज है। सामान्यतया 20 किलो वजन पर लगभग एक लीटर प्रति दिन पानी पीना चाहिए। जैसे किसी का 60 किलो वजन है तो फिर उसे 3 लीटर पानी पीना चाहिए। लेकिन गर्मियों में इसकी मात्रा 25/30% बढ़ा देनी चाहिए। क्योंकि गर्मियों में शरीर को अधिक से अधिक पानी की जरूरत होती है।
2) पानी के लिए तरी वाली चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए जैसे खीरा, ककड़ी, तरबूज, नारियल पानी। इससे शरीर में पानी के साथ साथ फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में जाएगी। लू भी नहीं लगती है। याद रखना है कि कोल्ड ड्रिंक से बचना है क्योंकि इसमें भयंकर शुगर के साथ कैलोरी होती है जो सेहत को नुकसान करता है। चूंकि वो सिंपल कार्ब होता है जो जल्दी खून में घुलकर ग्लूकोज का लेवल बढ़ाता है इसलिए अच्छा ऑफ है। जबकि इसके ढेर सारे नुकसान भी होते है। इसको पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या दूर नहीं होगी। 
3) बासी खाने से परहेज करें। प्रतिदिन उतना ही खाना घर में बनाए जितना पूरा इस्तेमाल हो जाय। फ्रिज में रखकर दूसरे दिन गर्म करके इस्तेमाल नहीं करना है। होता क्या है गर्मियों में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पैदा हो जाते हैं जो गरम करने पर भी नहीं मरते और कैसी तरह के रोग पैदा करते है।
4) इस मौसम में फलों के रस सबसे ज्यादा राहत पहुंचाते हैं। वैसे साबुत फल खाना अधिक फायदेमद होता है। नींबू, सतरा और मौसमी का प्रयोग भी शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यहां से शरीर को आवश्यक एंटी ऑक्सीडेंट की पूर्ति हो जाती है। एंटी ऑक्सीडेंट शरीर के अंदर ऑक्सीजन के खराब पहली ऑक्सीडेशन को रोकते है। 
5) मसालेदार भोजन न खाएं और खाने में नमक भी कम मात्रा में लें। पानी की अधिकता वाली सब्जिया जैसे तरोई, लौकी और टमाटर अधिक खाएं। खाने में सलाद अवश्य लेना है। तली भुनी और डीप फ्राई जैसे समोसा, चिप्स जैसी चीजों को अवॉइड करना है। 
6) प्रोटीन युक्त डाइट लेना चाहिए। प्रोटीन शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक है। इसका काम वैसा ही है जैसे दीवारों की जोड़ में सीमेंट और मोरंग का होता है। एक अनुमान के मुताबिक एक किलो ग्राम वजन पर एक ग्राम हमें प्रोटीन लेना चाहिए। 60 किलो वजन के व्यक्ति को 60 ग्राम प्रोटीन चाहिए। प्रोटीन में भी पूर्ण प्रोटीन लेने चाहिए। पूर्ण प्रोटीन मतलब वो प्रोटीन है जिनमें 9 अति आवश्यक अमीनो एसिड भी होता है। अपने देश में इस तरह के प्रोटीन का सख्त अभाव है जिसके कारण कई तरह की गंभीर जल्दी जल्दी दिखने लगी है। 
7) सुबह के समय थोड़े देर धूप में भी समय व्यतीत करना है क्योंकि विटामिन डी मिलती है जो कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों से लडने में मदद करता है। 
8) चाय काफी का सेवन कम करना है। चाय काफी अपने साथ ढेर सारा कैफिन पहुंचाते है। विज्ञान के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रति दिन 400 एमजी कैफीन लेना चाहिए जबकि एक कप चाय में 200 एमजी तक कैफ़ीन होता है। कुल मिलाकर चाय एकदम कम करना है। गर्मी ही नहीं बल्कि सभी मौसमों में क्योंकि चाय कई बीमारियों को पैदा करता है। 
9) हल्की फुल्की एक्सरसाइज जरूर करनी है। सेहत के संबंध में एक चीज नोट कर लेना है कि अच्छे सेहत में 80% योगदान हमारे खान पान का जबकि 20% योगदान वर्कआउट का होता है। लेकिन अपने यहां लोग वर्क आउट को ही 100% समझते है। किसी से पूछिए कि सेहत के लिए क्या कर रहे हो तो उनका सीधा सा उत्तर होता है टहलना और योग शुरू कर दिया है। जबकि उसकी भूमिका मात्र 20 प्रतिशत ही होता है। पहले अपने खान पान पर ध्यान देना है। शरीर को जरूरतों के अनुसार पोषक पदार्थों से युक्त भोजन के साथ साथ हल्की फुल्की एक्सरसाइज करनी है। 
10) सकारात्मक होने के साथ साथ तनाव नहीं लेना है। अपने जो भी ईश्वर को मानते हैं उन्हे प्रति दिन कृतज्ञता ज्ञापित करना है। अच्छे लोगों के सर्किल में रहना है। ये आदतें भी अच्छे सेहत के लिए बहुत जरूरी है। 

सोमवार, 29 मार्च 2021

ट्रेडिंग आइडिया 29.03.21

आज पुनः ट्रेडिंग आइडिया लेकर हाजिर हूं जिन्हेंं एक  महीने से दो महीने तक होल्ड किया जाय तो आसानी से 10% से अधिक का रिटर्न देने की क्षमता रखते है। ये सभी फंडामेंटल के तौर पर काफी स्ट्रॉन्ग तो है ही साथ में बिजनेस भी स्थापित है। ये सभी ट्रेडिंग आइडिया है इसलिए जब भी ट्रेडिंग करना है तो साथ में स्टॉप लॉस भी लेकर चलना है। मैं यहां टाइम के अनुसार स्टॉप लॉस रखना है जो कि है अप्रैल महीने की समाप्ति तक यानी अप्रैल महीने की समाप्ति तक यह स्टॉक घाटे में है तो बेचने पर विचार करना चाहिए अन्यथा 10% के उपर बेचने है।  ये स्टॉक है 
1) Zensar Tech Cmp 278 rs
2) Trident  Cmp 13.70 rs
3) Motherson Sumi Cmp 199 rs
4) Stride Pharma Cmp 852 rs
5) Indian Energy Exchange Cmp 339 rs 
6) L &T Infotech Cmp 3947 rs

कृपया अनुरोध है कि खरीदारी से पहले अपना रिसर्च अवश्य करे या अपने वित्तीय सलाहकार से राय ले

20 Stock For Portfolio पोर्टफोलियो के लिए 20 बेहतरीन स्टॉक

मेरा अपना विचार है कि जो स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट नहीं करता है, वो जीवन में जितनी बड़ी गलतियों को करता है उनमें से सबसे बड़ी होती है स्टॉक मार्केट को नहीं समझना। हम मार्किट को नहीं जानते है तो कोई नुकसान नहीं है कित्नु हम एक बड़े लाभ से वंचित है. किसी भी इन्वेस्टमेंट के 3 आयाम होते है एक लाभ, दुसरा हानि और तीसरा लाभ की हानि. अब इसे अलग अलग समझते है 
 
लाभ मतलब है कि शुद्ध लाभ होना. उदाहरण के लिए मान लेते है कि कहीं 1 लाख रुपया इन्वेस्ट किया गया है और साल भर में 8% का ब्याज मिलकर 8 हजार का लाभ होता है.
 
हानि से आशय है मूल धन का नुकसान उदाहरण के लिए मान लेते है कि कहीं 1 लाख रुपया इन्वेस्ट किया गया है और साल भर में 8% का निगेटिव रिटर्न मिलता है और पैसे की वैल्यू 8 हजार घट का 92 हजार हो जाती है तो इसे नुकसान कहा जाएगा.
 
तीसरा यानी लाभ की हानि जिसका आशय यह है कि हम चाहते तो ज्यादा ब्याज ले सकते थे लेकिन मिला कम. उदाहरण के लिए मान लेते है कि कहीं 1 लाख रुपया हमने म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट किया गया है तो साल भर में 15 प्रतिशत का रिटर्न मिलता और पैसे की वैल्यू हो जाती 1.15 लाख लेकिन हम भ्रान्ति और कम जानकारी से बैंक या डाक में 8% ब्याज पर इन्वेस्ट करते है तो ब्याज मिलकर 8 हजार का लाभ होता है.इस उदाहरण में जो म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट नहींकिया गया तो 7 हजार का लाभ का हानि हुआ. यानी 7 हजार का और लाभ ले सकते है लेकिन ले नहीं पाते है .

तो जब हम स्टॉक मार्किट को नहीं जानते है तो यही लाभ की हानि होती है जो लॉन्ग टर्म में बहुत अधिक होता है. स्टॉक मार्किट में एक फैक्टर डर होता है लेकिन थोड़ी बहुत सतर्क रहा जाय, ठोक बजाकर स्टॉक चुने जाय, पोर्टफोलियो बनाकर लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्ट किया जाय तो जोखिम काफी कम हो जाएगा. इन्वेस्टमेंट सतत की जाने वाली प्रक्रिया है, सिर्फ एक बार नहीं. इसके लिए निवेश आइडियोलॉजी का होना बहुत जरुरी है. यहाँ सफलता के लिए धैर्य और अनुशासन के साथ अपने आइडियोलॉजी पर लगातार टिके रहना एक ह्यूज वेल्थ क्रेअत करेगा. वो रिटर्न मिलेगा जिसकी कल्पना सपने में भी नहीं किये होंगे.
 
      स्टॉक मार्केट में मिलने वाला रिटर्न निवेश के किसी भी साधन से मिलने वाले रिटर्न से काफी अधिक होता है। यहां तक कि रियल एस्टेट से भी अधिक रिटर्न मिलता है। रियल एस्टेट में मिलने वाला रिटर्न इसलिए अधिक लगता है क्योंकि वहां ज्यादा इन्वेस्टमेंट किया जाता है, इसलिए मात्रात्मक रूप से रिटर्न ज्यादा दिखता है। जबकि प्रतिशत के हिसाब से काफी कम होता है। स्टॉक मार्केट मेंं निवेश के कई फायदे होते है। एक तरफ यह मुद्रा स्फीति से सुरक्षा प्रदान करता है तो दूसरी तरफ लॉन्ग टर्म में परम्परागत निवेश साधनों से ज्यादा रिटर्न दिलाता है। 
   बेजामिन ग्राहम ने अच्छे रिटर्न प्राप्त करने के लिए पोर्टफोलियो बनाकर निवेश करने कर सुझाव दिए है। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया है कि 10 से 30 मजबूत बेहतरीन बिजनेस और लम्बे ट्रैक रिकॉर्ड वाली कम्पनियों शेयरों के डायवर्सीफाई पोर्टफोलियो बनाने का सुझाव दिया है। इसी आधार पर लाया हूं 20 जबरदस्त पोटेंशियल वाले स्टॉक जिन्हें लॉन्ग टर्म के लिए इन्वेस्टमेंट किया जाय तो जबर्दस्त रिटर्न देने की क्षमता रखते है. यदि  नियमित रूप से हर महीने (SIP) एक अमाउंट निर्धारित कर इन्वेस्टमेंट किया जाय तो भी भविष्य में जबरदस्त रिटर्न प्राप्त होने की उम्मीद है। ये सभी कंपनियां मजबूत कम्पनियां है और अपने सेक्टर में अच्छा काम करती है। इसमें लार्ज कैप के साथ साथ मिड और स्माल कैप की भी कुछ कंपनियां है। चुनते समय यह भी ध्यान दिया गया है कि सभी सेक्टर भी आच्छादित हो जाय।इनमे काफी ऐसी कम्पनियां है जिनके उत्पाद व सेवाएँ हम सभी यूज करते रहते है.
1) Bajaj Finance
2) Dmart
3) Kotak Mahindra Bank
4) HDFC Bank
5) Coforge
6) Pidilite Ind
7) Info Edge
8) HDFC
9) Reliance Ind
10) Bharti Airtel
11) Hdfc Life
12) Aditya Birla Fashion
13) AB Capital
14) Gland Pharma
15) Asian Paint
16) HUL
17) Titan
18) PI Ind 
19) Atul
20) Tata Motors

रविवार, 28 मार्च 2021

शौक बड़ी चीज है। जीवन में कुछ अतिरिक्त शौक अवश्य रखना चाहिए।

अक्सर लोग मुझसे पूछते है कि मैं एक व्यस्त जीवन यानी नौकरी में रहते हुए कैसे फाइनेंस, स्वास्थ्य, मोटीवेशन आदि विषयों पर भी काम करता रहता हूं। तो मेरा उनसे एक ही उत्तर होता है, शौक बड़ी चीज है। किसी भी चीज का शौक रहेगा न, तो किसी न किसी तरीके से उसे पूरा करने के लिए समय निकल ही जाता है। जरूरी है कार्यों को प्राथमिकता सूची तैयार करना, शौक को प्राथमिकता सूची में रखिए तो समय निकल ही जाता है।
     ईश्वर ने एक मामले में सभी के साथ न्याय किया है, वो है 24 घंटे का समय। चाहे कोई राजा हो या रंक सभी के पास 24 घंटे का ही समय है। हमें जो भी करना है इसी 24 घंटे में ही करना है। इसी समय के उपयोग से कोई बिजनेस मैन बनता है तो कोई खिलाड़ी तो कोई अभिनेता...कहने का आशय समय के सदुपयोग से वांछित नतीजे प्राप्त किए जा सकते है।  जब हम कोई काम नहीं करते है तो इसका आशय यह नहीं होता है  कि हमे समय नहीं मिला, बल्कि वो प्राथमिकता सूची में रहता ही नहीं है। हम जिस भी कार्य को प्राथमिकता सूची में रखते है, येन केन प्रकारेण समय निकाल ही लेते है।
   मेरा अपना मत है कि दैनिक कार्य कलापों के मध्य जीवन में कम से कम एक शौक तो पालना ही चाहिए। ये शौक ही हमें अपने मूल कार्य करने की प्रेरणा, उत्साह, माहौल को तो बेहतर बनाएगा, साथ में दूसरे क्षेत्रों में भी उपलब्धि को बढ़ाता है। एक मेरे सीनियर थे जिन्हे मैं अक्सर करके उन्हें नई नई चीजे करते देखा करता था। कई बार उन्हें यू ट्यूब पर जर्मन और इटालियन भाषा सीखते देखा। पूछने पर उन्होंने कहा था कि एक नौकरी से ही जिंदगी खत्म नहीं होती है. यदि आप एक संतुष्ट जीवन जीना चाहते हैं, तो दिल की सुनें और जब दिल की सुनेंगे, तो हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करेंगे. बाधाएं भी आयेंगी, लेकिन कोशिश जारी रखना है।
       एक कार्यालय में एक लोग सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके सहकर्मियों ने उनसे पूछना शुरू कर दिया था, रिटायर होने के बाद क्या करोगे?  कोई कहता- दुकान खोल लेना, तो कोई सुझाता कि किसी फर्म में छोटी नौकरी कर लेना। एक ने बड़ी अच्छी बातें कहीं- यार, अगर नीयत खुद को व्यस्त और स्वस्थ रखने की हो, तो रिटायर होने के बाद कोई परेशानी नहीं। यह जरूरी नहीं कि इतने साल नौकरी करने के बाद भी कहीं नौकरी करो। अगर आर्थिक परेशानी नहीं, तो अपने शौक का दामन पकड़ो, कहीं जाने की जरूरत नहीं। आपके मन और तन के भीतर कुछ शौक उदास, कुछ सोए हुए होंगे। बस उन्हें जगा लें, तो वे आपकी जिंदगी को खुशनुमा बना देंगे और एक सच्चे दोस्त की मानिंद जीवन भर आपका साथ निभाएंगे। आपके शौक मित्रों, परिचितों और रिश्तेदारों में आपकी अलग पहचान बनाने में सहयोगी बन सकते हैं। 
    इंसान जीवन में बेहतर करने के लिए एक मार्गदर्शक ढूंढता है, लेकिन मेरा मानना है किसी मार्गदर्शक ढूंढने से ज्यादा महत्वपूर्ण है सेल्फ मोटिवेशन और इसके लिए इंसान के अंदर शौक का जिंदा रहना बहुत जरूरी है।  कोई जरूरी नहीं है कि ये शौक बहुत बड़े हों. बहुत छोटा शौक भी एक इंसान को मोटिवेट करने के लिए काफी है। एक मेरे मित्र को बागवानी का शौक है,  अपने घर पर विविध तरह के खोज खोज के पेड़, फूल पत्ती लगा रखे है। वर्षों से गमलों में पेड़ों को काट काटकर अनगिनत बोनसाई तैयार किए हुए है। वे काफी सकारात्मक किस्म के व्यक्ति है और उनसे काफी कुछ सीखने को मिलता है।  हर किसी को कोई न कोई शौक पालना ही चाहिए।  अपनी रुचि का कार्य कर जब इंसान संतुष्ट होता है तो उसके अंदर सकारात्मकता का प्रवाह होता है, जिससे इंसान रोजमर्रा की समस्याओं-चुनौतियों को अधिक उत्साह और आत्मविश्वास से हैंडल करने में सक्षम हो जाता है. इसलिए जीवन में बेहतर करना है तो शौक को जिंदा रखें, उसे सहेजे और उस पर काम करे, एक शौक जीवन में इतना क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा, जिसके बारे में कल्पना नहीं किया जा सकता। सिर्फ एक शौक को लेकर हजारों सफल यू ट्यूब चैनल बन चुके है। 

फिर देर किस बात की...आज से और अभी अपने शौक को सहेजना स्टार्ट। 

शनिवार, 27 मार्च 2021

अपनी योग्यता के बारे दूसरों को बताना नैतिक दायित्व है

मैंने अर्थशास्त्र में MA किया है। पढ़ाई के दौरान अक्सर बताया जाता था कि कुछ ऐसा गुण विकसित करो कि बाजार में कुछ मूल्य मिल सके। कोई स्वीकार करे या न करे, लेकिन एक कटु सत्य है कि प्रत्येक व्यक्ति कुछ न कुछ बेच रहा है। एक नौकरी करने वाला कितने भी बड़े पद पर क्यों न हो, जो उसे वेतन मिलता है वो उसके योग्यता और समय का मूल्य होता है। जितनी अधिक योग्यता बढ़ाता है उसका मूल्य भी उतना ही अधिक मिलता है। 
    एक कहावत है कि बेहतर चूहेदानी बनाएं और दुनिया आपके दरवाजे तक रास्ता बना देगी। यानी अपने बनाए उत्पादों/सेवाओं में गुणवत्ता रहती है तो लोग खोज कर आते है। लेकिन चूहेदानी वाली कहावत तभी चरितार्थ होती है, जब दुनिया को उसके बारे में पता हो। कहने का आशय यह है कि अच्छे प्रचारक भी बनना चाहिए। सफल लोग बहुत अच्छे प्रचारक भी होते है। सफल लोग आम तौर पर लीडर होते है और सभी बड़े लीडर्स महान प्रचारक होते है। जो लीडर अपना प्रचार नहीं कर सकता, वह लंबे समय तक लीडर नहीं रहेगा, चाहे वो राजनीति हो, बिजनेस हो, या कोई और क्षेत्र हो। 
 यदि जीवन में सफल होना है तो अपने अंदर कुछ ऐसी योग्यता बनानी पड़ेगी जिसे हम दूसरों को कुछ दे सके जिससे लोगों को सचमुच मदद मिल सकती है। यहां हमारा नैतिक कर्तव्य है कि उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताए। मैं अपनी बात करूं तो मुझे स्वास्थ्य, निवेश और मोटीवेशन में सामान्य से अधिक ज्ञान और अनुभव रखता हूं। जहां भी अवसर मिलता है लोगों को अवश्य बताता हूं। क्योंकि मुझे लगता है कि जो अनुभव और ज्ञान मेरे पास है दूसरे लोगों को अवश्य लाभ मिल सकता है। 

शुक्रवार, 26 मार्च 2021

स्टॉक मार्केट में शर्तिया तौर पर सर्वाधिक रिटर्न मिलता है लेकिन शर्त यह है कि .....

अच्छे स्टॉक जितना ज्यादा जरूरी है खरीदना सीखना उससे भी अधिक जरूरी है उसे बेचना सीखना और यदि भविष्य में शेयर गिर सकता है तो जल्दी नुकसान को रोकना।  यहां वेल्थ क्रिएशन होना ही होना है, फोकस वैल्थ क्रिएशन या प्रॉफिट पर नहीं करना है, वो तो हर हाल में मिलना है। फोकस करना है लॉस को कम करने पर, वो कौन से जगह है जहां नुकसान हो सकता है, बच कर रहना। सबसे पहले इसी पर फोकस करना है । होता क्या है कि जब सौदे हम ठोक बजाकर नहीं करते है या मार्केट उल्टी दिशा में चल जाता है तो थोड़ा थोड़ा करके हमारा सौदा भी घाटे में जाने लगता है, यदि उसे न रोका जाय तो वह एक बड़े घाटे में बदल जाता है।  फिर से रिकवर होने की उम्मीद में रोके रहते है। इससे बचना चाहिए। कोई भी मार्केट से लड़ कर नहीं जीत सकता है। मार्केट सुप्रीम है, यहां सभी अंतिम दिन तक सीखते रहते है। जितना अधिक सीखेंगे, उतना ही अधिक आगे बढ़ने की संभावना होगी। हमे एक चीज नोट कर लेना चाहिए learn उसके बाद earn और हम जो भी पैसा कमाएंगे वो हमारी पात्रता/योग्यता के अनुसार मिलेगी। जैसे जैसे learn करते है वैसे वैसे हमारी पात्रता भी बढ़ती है। 
 स्टॉक मार्केट इन्वेस्टिंग/ट्रेडिंग लाइफ के 3 चरण होते है 
पहले में नुकसान अधिक होते है,
दूसरे में  नुकसान कम होते है और प्रॉफिट छोटा होता है
 और थर्ड फेज में प्रॉफिट बहुत लम्बे होते है लॉस बहुत छोटा। 
   प्रत्येक ट्रेडर/इन्वेस्टर को थर्ड फेज में पहुंचना है। इसके लिए समय, धैर्य और अनुशासन चाहिए। सबसे पहले जरूरी है कि एक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बनाई जाए। जो भी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी है उसे लिख लिया जाय और अच्छे से मान लेना है कि ये स्ट्रेटजी ही हमे पैसा कमाएगा इसलिए इसे कभी नहीं  तोड़ना है। एक नियम साथ में यह भी बना लेना है कि जब जब तोड़िए अपने को दंड दीजिए। जैसे एक बार रूल तोड़ा तो मुझे 1000 रुपए अपने जेब से निकालकर किसी पिग्गी बैंक में रख दीजिए। इसे बार बार कीजिए, फिर एक समय बाद  इसका  कमाल देखिए यानी पहला काम नियम को तोड़ना नहीं है। स्टॉक मार्केट में सफलता में 90% से भी अधिक का योगदान अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी के साथ अनुशासन और धैर्य के साथ लगे रहना शर्तिया तौर पर लाभ दिलाता है। मार्केट के जो भी दिग्गज सफल निवेशक है उनकी सफलता की कहानी में साफ साफ दिखती है। 
   मैं अपनी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बताऊं तो सबसे पहले क्वालिटी कम्पनी पकड़ता हूं, मैनेजमेंट और बिजनेस शानदार हो, स्टॉक मार्केट में भी लम्बे समय से लिस्टेड हो,  5 साल में कम से कम 50% रिटर्न तो देना ही चाहिए, इसके बाद एक साल का भी रिटर्न 50% से ऊपर का हो, 52 वीक हाई के आस पास हो, सभी मूविंग एवरेज के ऊपर हो ....इसी तरह के मैने 17/18 प्वाइंट बना रखे है और जब कोई स्टॉक मेरे मानकों पर खरा होता है तो फिर उस पर ध्यान देता हु अन्यथा नहीं। उसे एक लंबे समय तक वाच कर उसके मूवमेंट को समझने का प्रयास करता हूं, तब कहीं जाकर खरीदता हूं। 
स्टॉक मार्केट में हजारों की संख्या में    कम्पनियां लिस्टेड है जिसमें बहुत कम ऐसी है जो वैल्थ क्रिएट की है या वैल्थ क्रिएशन की क्षमता रखती है। इसलिए पूरी मार्केट पर फोकस न करके कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर फोकस करना है। मेरे विचार से निफ्टी 50 और निफ्टी नेक्स्ट 50 में 100 क्वालिटी कंपनियां है। जहां से अच्छे स्टॉक का पोर्टफोलियो बनाया जा सकता है। जितने ही कम स्टॉक्स पर फोकस होगा हम उतने ही अधिक अच्छे से ट्रेडिंग कर सकेंगे। ज्यादा स्टॉक मतलब भटकाव ज्यादा और नुकसान की आशंका अधिक। 

 इसी तरह आप भी अपने अनुभव शेयर कीजिए। 
#StockMarket #Investment #WealthCreation #Profit #Trading

प्रसन्न व्यक्ति चारो तरफ प्रसन्नता और सकारात्मक माहौल फैलाता है

प्रसन्नता मानव का एक स्वाभाविक गुण है जो सभी को प्राप्त नहीं होती है। जो प्रसन्न रहता है वो सदैव सुखी तो रहता ही है साथ में दूसरों को सदैव प्रसन्न भी रख कर माहौल को खुशनुमा बनाए रहता है. लोग उनका सानिध्य चाहते है, सकारात्मक और प्रगतिशील विचारों से पूर्ण रहते है वो. निराशाजनक माहौल से किस तरह बाहर आया जाय, वो अच्छे से जानते है।
   सभी लोग प्रसन्न रहना चाहते है लेकिन यह कोई वस्तु नहीं होती है जिसे बाजार से किलो या लीटर के भाव से खरीद लिया जाय। इसे बनाना पड़ता है जिसे कुछ तरीके से प्राप्त किया जा सकता है
1. सकारात्मक रहना
2. कुछ नई चीजे सीखते रहना
3. दूसरों को सिखाने को सदैव तत्पर रहना
4. अपनी पसंद के कार्य करना
5. अपने परम्परागत पेशा, नौकरी, व्यापार        के अतिरिक्त किसी सक्रिय ग्रुप से जुड़े        रहना
6. अच्छी अच्छी पुस्तके, वीडियो देखना 
7. अच्छे दोस्त के समूह में रहना
8.  लक्ष्य बनाकर कार्य करना
9.  नियमित अंतराल पर स्वयं की समीक्षा        करना
10. डायरी लिखना 
  उपरोक्त आदतें अपनाने के उपरांत हम प्रसन्न तो रहते ही है साथ दूसरों की तुलना में मान, सम्मान, यश, कीर्ति, समृद्धि ज्यादा प्राप्त करते है। अपनी दुनिया में काफी सफल व्यक्ति हो जाते है और यह सफलता ही उनकी प्रसन्नता का राज होती है. 
   प्रसन्नता के साथ हम अपने जीवन वह सब कुछ हासिल कर सकते हैं, जो चाहते हैं, मगर हम वास्तव में चाहते क्या है, कितना चाहते है और कब तक चाहते है आदि सभी चीजे स्पष्ट होती है व्यवस्थाएं अपने आप बननी लगती है। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि  हम कैसा जीवन जीना चाहते हैं, हमारे भविष्य का व्यक्तित्व कैसा होना चाहिए, हमारे जीवन का उद्देश्य क्या है।  इंसान को बहुत समय तक यह नहीं मालूम होता कि वह इस दुनिया में क्यों आया है? उसके होने का मतलब क्या है? जीवन के लिए क्या जरूरी है और क्या नहीं है? बिना किसी विचार के जीना और विचार करके जीना, दो अलग-अलग बातें हैं। अपने लिए जीना और अपने लिए मकसद के साथ जीना दो तरह का जीवन है। दोनो का व्यक्तित्व पर बहुत असर होता है। चीजे जितना अधिक क्लियर होगी, उसे प्राप्त करने को जितना अधिक कटिबद्ध रहेंगे, व्यक्तित्व उतना ही बड़ा होगा, हम उतने ही अधिक प्रसन्न रहेंगे।

शनिवार, 6 मार्च 2021

कोलगेट colgate का Wealth Creation History

मैं अपने पोस्ट में बार बार जिक्र करता हूं कि जो रिटर्न यहां स्टॉक मार्केट में मिलता है किसी अन्य जगह नहीं। यहां तक कि रियल एस्टेट में भी नहीं। रीयल एस्टेट में अधिक रिटर्न इसलिए दिखता है क्योंकि वहां एक साथ काफी अधिक पैसा लगता है। यदि उतना ही पैसा स्टॉक मार्केट अच्छे बिजनेस वाले स्टॉक में लगाकर वहां वाला धैर्य यहां रखा जाय तो वेल्थ क्रिएट होगा सपने में भी नहीं सोचा होगा। सबसे आसान है हम जिस कंपनी के प्रोडक्ट यूज करते है और उससे संतुष्ट है तो नहीं 15/20 कम्पनियों का शेयर लिया जाय तो थ काम काफी आसान हो जाता है। मैं अक्सर बीच बीच मे ऐसे कम्पनियो के बारे में लिखता हूँ जिन्होंने शेयर धारकों को पैसा बना के दिया है। शेयर बाजार सबसे अच्छा और सुरक्षित तरीका है जहां से एक छोटी धनराशि का निवेश कर बड़ा पैसा बना सकते है। बस शर्त यह है कि अच्छे बिजनेस चिन्हित कर उनके शेयर खरीदकर पास में रखना है। हम सभी मे दिक्कत यह होती है कि हम यहां आकर ट्रेडिंग करने लगते है, रातोरात अमीर बनने की मशीन समझ लेते है जिससे कि नुकसान उठा लेते है। हमें ट्रेडिंग नही करनी है बल्कि निवेश करना है वो भी उन बिजनेस में जो हमारे आस पास है, जिनके हम उत्पाद प्रयोग कर रहे है, उससे संतुष्ट है और दूसरों को उसे प्रयोग करने की सलाह देते है। हमारे चारों तरफ बैंक, गाड़ी, सीमेंट, दवा, मोबाइल, खाद्य पदार्थ, टेक्नोलॉजी, पहनावा फैशन, बिजली उत्पाद, जूते चप्पल, पेपर आदि के उत्पाद चारो तरफ है जिसे बनाने वाली कम्पनियो में निवेश किया जा सकता है। 

बहरहाल आज हम बात करते है वेल्थ क्रिएशन में कोलगेट और टीसीएस का। दोनो का नाम खूब सुने है और कोलगेट के उत्पाद बचपन से यूज भी खूब किये भी। आईये देखे कैसा पैसा बनाकर दिए है निवेशकों को ----
IPO 1978   ₹25/- एक शेयर
100 शेयर*25=2500/ rs
Bonus: 
1982  1:1 200 share
1985  1:1  400 share
1987 1:1   800 share
1989  1:1  1600 share
1991 3:5   2560 share
1995 1:1    6120 share
2015 1:1    12240 share
100 शेयर बढ़कर हो गए 12240 ।
आज यानी 5 मार्च 2021  को इस स्टॉक के भाव है  1600/rs= तो कुल वैल्थ क्रिएट हुआ 12240*1600= ₹ 1.96 करोड़ रूपया। 43 साल में 2500 हुआ 2 करोड़ और डिविडेंड अलग से। इस समय एक शेयर पर 18 रुपया डिविडेंड मिलता है तो साल में मिलने वाला डिविडेंड =12240*18= 2.20 लाख। सोचिए कितना वैल्थ क्रिएट हुआ। 

क्या कभी रीयल एस्टेट में इस तरह का वैल्थ क्रिएट होगा ? कदापि नहीं। कोलगेट तो एक उदाहरण है ऐसी अनगिनत कंपनियां है। हम जो भी उत्पाद युज करते है ज्यादातर ऐसे ही वेल्थ क्रिएट किया है। हावेल्स, डाबर, इंफोसिस, विप्रो, ब्रिटानिया, रिलेक्सो, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, कोटक बैंक, मदर्सन सुमी, आयशर मोटर, बजाज फाइनेंस, बजाज इलेक्ट्रिक, इन्फो एज, एस्ट्रल पॉली, एशियन पेंट, पिडिलाइट असंख्य शेयर है। जरूरत है तो धैर्य पूर्वक अच्छे बिजनेस को होल्ड करने की। समय के साथ मैनेजमेंट बोनस और स्प्लिट होकर वैल्थ क्रिएट कराते है। 
#Compounding

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग आइडिया 06.03.21

मार्केट इस समय अपने उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है। अंतराष्ट्रीय परिस्थितियों और विदेशी संस्थागत निवेशकों के लगातार पैसे आने से लिक्विडिटी भरपूर है जिसका असर मार्केट की तेजी से अनुमान लगाया जा सकता है। गिरावट भी आ रही है तो मार्केट के निचले स्तरों पर सपोर्ट मिल रहा है जिससे पुनः मार्केट बाउंस कर जा रहा है। मार्केट के टॉप और बॉटम का अनुमान लगाना असंभव है, लेकिन इतना अवश्य है कि लॉन्ग टर्म में मार्केट की दिशा ऊपर की ओर ही है। इसलिए मेरे विचार से पैसा वही व्यक्ति बनाता है जो अपनी ट्रेडिंग/निवेश स्ट्रेटजी पर धैर्य और अनुशासन के साथ कायम रहे। मेरा मत है कि पैसा लगाने का सबसे बेस्ट टाइम है जब अपने पास पैसे हो और बेचने का समय सबसे उत्तम समय होता है जब पैसे की जरूरत हो। मार्केट कभी भी बताकर चढ़ता गिरता नहीं है, इसलिए सख्ती के साथ निवेश स्ट्रेटजी को फॉलो करते रहना है। जब मार्केट अपने उच्चतम स्तर पर हो तो नियमो के प्रति सख्ती और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस समय की मांग है कि क्वालिटी स्टॉक में पैसे रखा  जाए। इस समय क्या हर समय क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं करना है। अपने पोर्टफोलियो में क्वालिटी 15/20 स्टॉक रखना है। 
 आज फिर 5 क्वालिटी स्टॉक लेकर आया हूं। जो शॉर्ट टर्म लॉन्ग टर्म सभी के लिए बहुत बढ़िया है। इन स्टॉक को 2 महीने से लेकर 6 महीने तक होल्ड की जाय तो आसानी से 15% से अधिक का रिटर्न मिल सकता है। पोर्टफोलियो का हिस्सा बना लिया जाय तो भविष्य में जबरदस्त वैल्थ क्रिएट करेगा आसानी से 25% से अधिक का कंपाउंड ग्रोथ देने की क्षमता रखता है। 
1. PI INDUSTRY CMP 2263/ 
2.BHARAT RASAYAN CMP 9954/
3.LARSEN AND TOUBRO INFOTECH CMP 3845/
4.WHIRLPOOL CMP 2800/
5.BALKRISHN IND CMP 1601/
 ये मेरा अपना रिसर्च है जो जरूरी नहीं कि सभी के लिए सही हो। इसलिए कोई भी निवेश से पूर्व अपना रिसर्च अवश्य कीजिए। 

बोलने से अधिक सुनना जरुरी है

क्या आपको पता है कि गूंगे लोगों की समस्या क्या होती है ? यदि नहीं तो जान लीजिये कि कोई जन्म से गूंगा नहीं पैदा होता है. वो गूंगा इसलिए होता है क्योंकि वो बहरा होता है. चुकी वो सुन नहीं पाता है इसलिए वो बोल नहीं पाता है. बोलने से अधिक जरुरी है  सुनना, जब हम सुनेगे तभी बोल पायेंगे. हमे ईश्वर ने एक मुह और दो कान इसलिए दिया है कि हम बोले कम और सुने ज्यादा. लेकिन क्या हम लोग ऐसा करते है क्या ? हम तो अपनी सुनाने के चक्कर मे दूसरे को बोलने नहीं देते। केवल अपनी बात कहने वाला व्यक्ति समाज में कभी भी उचित मान सम्मान नहीं पा पाता है. लोग उनसे कन्नी भी काटते है. छवि भी नकारात्मक हो जाती है. ऐसा होता क्यूँ है ? वो इसलिए होता है क्योंकि सुनने कि कला सबके अंदर नहीं होती है . इस कला को विकसित करके ज्यादा सम्मान पा सकते है, अच्छे वक्ता हो सकते है, जब हम सुनेंगे अधिक तो जब भी बोलेंगे तो तथ्यात्मक बोलेंगे, उसमे वजन होगा और लोग उन बातों को मानेगें भी. 
अच्छा श्रोता बनना बहुत जरुरी है. इसे एक दिन में विकसित नहीं कर सकते लेकिन यदि प्रयास किये जाए तो एक दिन अवश्य बन सकते है. इसकी शुरुआत सकारातमक होने से करनी चाहिए.   सकारात्मक होने से धैर्य, शांत, संयमी हो जाते है, सामने वाले में अच्छी चीज खोजने का प्रयास करते है, सामने वाली की नकारात्मकता को भी हम नजरअंदाज करने में सक्षम हो जाते है. दुसरे लोग हमें देखकर हमारे जैसा बनने का प्रयास भी करते है. इसके विपरीत नकारात्मक नजरिया अपनाने से हम खराब व्यक्तित्व के स्वामी बनते है । सकारात्मक विचारों के अभाव में हम दूसरों की बातें न तो ध्यान से सुनते हैं और न ही उनकी बातों को महत्व देते हैं। अगर हमें अच्छे व्यकित्व वाला बनना है, तो हमें दूसरों की बातें ध्यान से सुनने की विधि सिखनी  होगी। 
यहाँ हर कोई चाहता है कि ‘मेरी बात कोई सुने।’ लेकिन मुझे लोग तभी सुनेगे जब हम वैसी बाते बोलेंगे. हर व्यक्ति समाज में महत्वपूर्ण होना चाहता है लेकिन उसकी कुछ कीमत देनी होती है, जब तक हम वो कीमत अदा नहीं करेंगे तब तक ये हासिल नहीं होगा. कामयाबी कभी भी आराम के कोख से पैदा नहीं होती. उसके लिए कुछ एक्स्ट्रा तो करना ही पड़ता है. वो जो एक्स्ट्रा हमें करना है प्रति दिन थोडा थोडा करते रहे, ज्यादा नहीं बस दूसरों की तुलना में 1% अधिक सकारात्मक हो जाए, लोगों की बाते अधिक सुने, 1% ज्यादा पुस्तेके पढ़ें, ज्यादा लोगों की मदद करे तो यह 1% एक दिन अपने आस पास के लोगों से इतना आगे कर देगा कि सोचा नहीं जा सकता. 
 
तो चलिए आज से हम यह प्रण लिया जाय कि जब भी हम किसी से बातचीत करेंगे, या चर्चा करेंगे तो पहले उन्हें धैर्य के साथ पूरी बात सुनेंगे और फिर उसकी बातों को समझकर धीरज और विवेक से उनका जवाब देंगे- पहले सुना जाएगा फिर सुनाया जायेगा। साथ में कुछ एक्स्ट्रा करते रहना है क्योंकि कुछ करना, कुछ न करने से बेहतर होता है.

शुक्रवार, 5 मार्च 2021

फैट की उलझन

आज इस विषय पर लिखने का विचार एक पेपर कटिंग को देखकर आया जिसका शीर्षक था रोहू मछली खाने से कैंसर के खतरे से बचाती हैं। उसमें बताया गया है कि इसमें पूफा यानी पॉली अन सेचूरेटेड फैटी एसिड होता है जो कि फायदेमंद होता है। आज इसी के बारे में बात करना है। 
 पहले जान लेते है कि शरीर को ऊर्जा 3 स्रोतों से मिलती है, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट। शरीर को सबसे अधिक ऊर्जा कार्बोहाइड्रेट से मिलती है और प्रति ग्राम की बात की जाय तो फैट से मिलती है। प्रोटीन और कार्बोहाइडेट के एक 1 यूनिट से 4, 4 कैलोरी जबकि फैट के एक यूनिट से 9 कैलोरी मुक्त होती है। लेकिन चूंकि हम कार्बोहाइड्रेट ज्यादा खाते है इसलिए 40% से 50% ऊर्जा कार्ब्स से मिलती है।  फैट को सबसे अच्छा माना जाता है। जिसे देखिए फैट के लिए ज्यादा से ज्यादा खाना खाता है। लेकिन इसके नुकसान भी होते है फैट ज्यादा लेने पर मोटापा, डायबिटीज, हार्ट, ब्लड प्रेशर जैसी अनगिनत खतरनाक बीमारियां भी होती है। कुछ अच्छे फैट भी होते है जो शरीर को चाहिए ही चाहिए।  इसे जब फैट के प्रकार को समझ लेंगे तो पूरा तस्वीर साफ हो जाएगा। 
फैट के प्रकार
1. अन सेचुरेटेड फैट यानी अच्छा फैट 
यह बहुत अच्छा माना जाता है। शरीर को कई रोगों से बचाता भी है। अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल को बढ़ाता है और बुरे कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करता है। 
यह भी दो प्रकार का होता है 
ए. मोनो अन सेचुरेटेड जो ओलिव ऑयल, सन फ्लावर, पीनट ऑयल, कनोला ऑयल आदि में मिलता है।
बी. पॉली अन सेचूरेटेड फैट जो सोयाबीन, अलसी, अखरोट, मछली, बादाम आदि में मिलता है। यह हमारे शरीर को चाहिए ही चाहिए। इसमें ओमेगा 3 और ओमेगा 6 आता है।  ओमेगा 3  व 6 का सही अनुपात में होना कई रोगों से बचाता है। हम ओमेगा 3 कम और ओमेगा 6 ज्यादा ले रहे है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 1:7 इनका अनुपात होना चाहिए लेकिन वर्तमान में खान पान की आदतों, लाइफ स्टाइल के चलते 1:70 से अधिक हो गया है। जिसके वजह से भारत हृदय, डायबिटीज, बीपी, कैंसर जैसे रोगों की राजधानी होती जा रही है। इसलिए ओमेगा 3 लेते रहना चाहिए क्योंकि जब अनुपात सही रहेगा तो  हार्ट, दिमाग, घुटने, मोटापा जैसे कई रोगों से बचाता है। इसे प्रतिदिन लेना होता है। ओमेगा 3 सबसे उत्तम स्रोत गहरे समुद्र की मछलियां जैसे सालमन, टूना होती है। मार्केट में ओमेगा 3 के सप्लीमेंट भी मिलते है लेकिन घटिया क्वालिटी के। क्योंकि ओमेगा 3 भी 3 तरह का होता है ईपीए, ALA और DHA। मिलने वाला सप्लीमेंट में ये तीनों नहीं होते है। उसके लिए खास कम्पनियों द्वारा बनाया जाता है। 
2. सेचुरेटेड फैट यानी खराब फैट इसको ज्यादा लेने से हृदय रोग, बुरे कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इसलिए इसे कम से कम लेना चाहिए। यह शरीर में देर से पचता है इसलिए मोटापा लाता है। ये मुख्य रूप से अंडा, चिकन, मीट, मांस, नारियल, आलू, केक, पेस्ट्री, पिज्जा, बटर, वनस्पति घी आदि में मिलता है।  ये सामान्यतया ठोस होते है लेकिन गर्म करने पर पिघल जाते है।  3. ट्रांस फैट . सबसे खराब फैट होते है ये। ये प्रोसेस्ड अन सेचूरेटेड  फैट होते है, खास प्रोसेस से सेचू रेटेड की तरह हो जाता है।  इसे धीमा जहर भी कहते है। इससे बचने का प्रयास करना चाहिए। ये फ्राई की हुई चीजों में मिलता है। यह रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले तेल में मिलता है। रेडिमेड खाद्य पदार्थों में बहुत मिलता है। जैसे बिस्किट, कुकीज, केक, फास्ट फूड, क्रीम, समोसा, चिप्स, पकौड़ा, कचौड़ी, पूड़ी, तली भुनी चीजे। 

बुधवार, 3 मार्च 2021

जो हो गया स्वीकार कर लिया जाय तो जीवन खूबसूरत हो जाती है

पिछले दिनों 25 फरवरी को मैं कार्यालय के मुख्य द्वार पर खड़ा था वो अचानक दिख गए, छड़ी का सहारा लेकर चलते हुए। कई वर्षों बाद दिखाई दिए थे। कई वर्ष पहले मेरे विभाग में ड्राइवर थे वे। छड़ी देखकर पहले तो समझ में आया कि कोई चोट लगी होगी जिसके कारण चलने में दिक्कत के कारण छड़ी लिए है। बातो बातो में पता चला कि उनके पैरों की नसों में दिक्कत आ गई थी, रक्त प्रवाह सुचारु रूप से नहीं होता था, डॉक्टर को दिखाया गया, इलाज एम्स दिल्ली में चला जहां डॉक्टरों ने रक्षा के लिए कि जहर आगे न फैले और इनके पैर को काट दिया। एक ड्राइवर के लिए पैरों का न होना, कितनी दुखद बात है। वो आगे अपनी नौकरी कर पायेगा। मेरे लिए एकदम सदमे वाली स्थिति रही। हालांकि उनसे मेरा कोई संबंध नहीं था, बस एक दूसरे को पहचानते थे, नाम भी नहीं पता था। बहरहाल वो स्वैच्छिक सेवानिवृति के लिए अनुरोध किया जिसे अस्वीकार करते हुए उनके प्रतिस्थितियों को देखते हुए कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई। आज कार्यालय के सामने आवास की सुविधा दी गई है। उन्होंने परिस्थितियों को स्वीकार करके अच्छे से जीवन व्यतीत कर रहे है। 
  जो हो गया स्वीकार कर लिया जाय तो जीवन कितना खूबसूरत हो सकता है। जो हो गया उसके बारे यदि हम चिंता करते है तो किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं होता। वो केवल नुकसान ही करता है। अपने सामने कई बार ऐसी परिस्थिति पैदा हो जाती है जिसे हम बदल नहीं सकते, स्वीकार करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं होता। केवल परिस्थितियां ही हमें सुखी या दुखी नहीं बना सकती। इन परिस्थितियों के प्रति हमारा नजरिया क्या है, इसी से हमारी भावनाएं तय होती है। रविंद्र जैन को कौन नहीं जानता वो समझ गए थे कि अंधा होना दुख का कारण नहीं है, दुख का कारण है अंधेपन को झेल पाने की योग्यता न होना। अगर हम विरोध करे, उससे कुश्ती लड़े तब भी जो हो चुका है, को बदल नहीं सकते। परंतु हम अपने आपको बदल लिया जाय तो जरूर कुछ अच्छा हो सकता है। 

तो जीवन में जिसे बदला नहीं जा सकता, उसको स्वीकार कर आगे की ओर बढ़ा जाय।