गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है, धीरे धीरे तापमान बढ़ने लगा है। अपने देश में गर्मियों का मौसम मार्च से जून तक का माना जाता है जिसके बाद बरसात का मौसम माना जाता है। लेकिन जिस तरह से पूरी दुनिया में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हुआ है, गैसों का उत्सर्जन बढ़ा है, गर्मियों के समय में काफी वृद्धि देखी गई है। अब गर्मियां सितंबर अक्टूबर तक देखी जा रही है। कुल मिलाकर निष्कर्ष यह है कि गर्मियां लंबे समय तक पड़ रही है और अन्य मौसम छोटे हो रहे हैं लेकिन जितने भी समय तक रह रहे है वो भी रिकार्ड तोड़ पड़ रहा है।ऐसे में हमें गर्मी हमारे सेहत को खास तौर पर प्रभावित करती है। सतर्कता बहुत जरूरी है।
धूप की तपिश असहनीय होती है। इस मौसम में थकान, नींद अधिक आना, सुस्ती, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, भूख न लगना, सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में दर्द जैसी कई समस्याएं आती हैं। कुछ सावधानिया बरत कर हम इनसे बच सकते हैं :
1) पानी का अधिक पीना
वैसे तो शरीर का 70% हिस्सा पानी का है इसलिए पानी हमेशा अधिक से अधिक पीना चाहिए। पानी अपने आप में 100 से अधिक बीमारियों का इलाज है। सामान्यतया 20 किलो वजन पर लगभग एक लीटर प्रति दिन पानी पीना चाहिए। जैसे किसी का 60 किलो वजन है तो फिर उसे 3 लीटर पानी पीना चाहिए। लेकिन गर्मियों में इसकी मात्रा 25/30% बढ़ा देनी चाहिए। क्योंकि गर्मियों में शरीर को अधिक से अधिक पानी की जरूरत होती है।
2) पानी के लिए तरी वाली चीजों का सेवन अधिक करना चाहिए जैसे खीरा, ककड़ी, तरबूज, नारियल पानी। इससे शरीर में पानी के साथ साथ फाइबर भी पर्याप्त मात्रा में जाएगी। लू भी नहीं लगती है। याद रखना है कि कोल्ड ड्रिंक से बचना है क्योंकि इसमें भयंकर शुगर के साथ कैलोरी होती है जो सेहत को नुकसान करता है। चूंकि वो सिंपल कार्ब होता है जो जल्दी खून में घुलकर ग्लूकोज का लेवल बढ़ाता है इसलिए अच्छा ऑफ है। जबकि इसके ढेर सारे नुकसान भी होते है। इसको पीने से डिहाइड्रेशन की समस्या दूर नहीं होगी।
3) बासी खाने से परहेज करें। प्रतिदिन उतना ही खाना घर में बनाए जितना पूरा इस्तेमाल हो जाय। फ्रिज में रखकर दूसरे दिन गर्म करके इस्तेमाल नहीं करना है। होता क्या है गर्मियों में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पैदा हो जाते हैं जो गरम करने पर भी नहीं मरते और कैसी तरह के रोग पैदा करते है।
4) इस मौसम में फलों के रस सबसे ज्यादा राहत पहुंचाते हैं। वैसे साबुत फल खाना अधिक फायदेमद होता है। नींबू, सतरा और मौसमी का प्रयोग भी शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यहां से शरीर को आवश्यक एंटी ऑक्सीडेंट की पूर्ति हो जाती है। एंटी ऑक्सीडेंट शरीर के अंदर ऑक्सीजन के खराब पहली ऑक्सीडेशन को रोकते है।
5) मसालेदार भोजन न खाएं और खाने में नमक भी कम मात्रा में लें। पानी की अधिकता वाली सब्जिया जैसे तरोई, लौकी और टमाटर अधिक खाएं। खाने में सलाद अवश्य लेना है। तली भुनी और डीप फ्राई जैसे समोसा, चिप्स जैसी चीजों को अवॉइड करना है।
6) प्रोटीन युक्त डाइट लेना चाहिए। प्रोटीन शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक है। इसका काम वैसा ही है जैसे दीवारों की जोड़ में सीमेंट और मोरंग का होता है। एक अनुमान के मुताबिक एक किलो ग्राम वजन पर एक ग्राम हमें प्रोटीन लेना चाहिए। 60 किलो वजन के व्यक्ति को 60 ग्राम प्रोटीन चाहिए। प्रोटीन में भी पूर्ण प्रोटीन लेने चाहिए। पूर्ण प्रोटीन मतलब वो प्रोटीन है जिनमें 9 अति आवश्यक अमीनो एसिड भी होता है। अपने देश में इस तरह के प्रोटीन का सख्त अभाव है जिसके कारण कई तरह की गंभीर जल्दी जल्दी दिखने लगी है।
7) सुबह के समय थोड़े देर धूप में भी समय व्यतीत करना है क्योंकि विटामिन डी मिलती है जो कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों से लडने में मदद करता है।
8) चाय काफी का सेवन कम करना है। चाय काफी अपने साथ ढेर सारा कैफिन पहुंचाते है। विज्ञान के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रति दिन 400 एमजी कैफीन लेना चाहिए जबकि एक कप चाय में 200 एमजी तक कैफ़ीन होता है। कुल मिलाकर चाय एकदम कम करना है। गर्मी ही नहीं बल्कि सभी मौसमों में क्योंकि चाय कई बीमारियों को पैदा करता है।
9) हल्की फुल्की एक्सरसाइज जरूर करनी है। सेहत के संबंध में एक चीज नोट कर लेना है कि अच्छे सेहत में 80% योगदान हमारे खान पान का जबकि 20% योगदान वर्कआउट का होता है। लेकिन अपने यहां लोग वर्क आउट को ही 100% समझते है। किसी से पूछिए कि सेहत के लिए क्या कर रहे हो तो उनका सीधा सा उत्तर होता है टहलना और योग शुरू कर दिया है। जबकि उसकी भूमिका मात्र 20 प्रतिशत ही होता है। पहले अपने खान पान पर ध्यान देना है। शरीर को जरूरतों के अनुसार पोषक पदार्थों से युक्त भोजन के साथ साथ हल्की फुल्की एक्सरसाइज करनी है।
10) सकारात्मक होने के साथ साथ तनाव नहीं लेना है। अपने जो भी ईश्वर को मानते हैं उन्हे प्रति दिन कृतज्ञता ज्ञापित करना है। अच्छे लोगों के सर्किल में रहना है। ये आदतें भी अच्छे सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
अप्रतिम
जवाब देंहटाएंVery informative
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