मैं एक सकारात्मक और प्रगतिशील सोच वाला व्यक्ति हूँ तथा लिखना, पढ़ना, कुछ नया सीखना और लोगों में जानकारियाँ शेयर करना मेरा शौक है. यदि जीवन में आप कुछ अतिरिक्त उपलब्धि अर्जित करना चाह रहे है तो आपको मेरे ब्लॉग से काफी मदद मिल सकती है. वस्तुतः मैं इन्वेस्टमेंट, वेल्थ क्रिएशन, हेल्थ, मोटिवेशन आदि विषयों पर बेहद आसान भाषा में सारगर्भित पोस्ट लिखता रहता हूँ. ये सभी विषय सामान्यतया लोगों को उबाऊ लगते है लेकिन यदि मेरे पोस्ट लगातार पढ़ते रहे तो मुझे विश्वास है कि आसानी से सब समझ में आने लगेगा.
लेबल
- Investment (39)
- Health and Fitness (10)
- Happiness (9)
- health (5)
- फिल्मों के बारे में (2)
- सामान्य ज्ञान (2)
- पुस्तक समीक्षा (1)
सोमवार, 17 अक्टूबर 2022
कुछ निवेश संबंधी नियम
रविवार, 9 अक्टूबर 2022
वाहन बीमा के मायने
Time in market and timing the market
शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022
कुछ वित्तीय नियम
शुक्रवार, 12 अगस्त 2022
यदि दिन की शुरुआत चाय से करते है तो सतर्क हो जाइए
हम में से 90/95% लोग दिन की शुरुआत एक कप चाय या कॉफी से करते है। हालांकि एक समय मैं भी इसी श्रेणी में था, लेकिन अब नहीं। कुछ लोगों की तो जब तक सुबह की चाय/कॉफी न मिले तब तक उठना और काम करना मुश्किल हो जाता है। क्या आप जानते हैं कि, अपने दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करना सेहत के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। सेहत के लिहाज से यह आदत अच्छी नहीं मानी जाती है। सुबह उठते ही खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत आपके ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और ब्रीदिंग रेट पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार ये गलत आदत है। प्रयास यह करना है कि दिन की शुरुआत में प्रथम अन्न मीठा यानी सिंपल कार्बोहाइड्रेट या फिर चाय न हो। दरअसल चाय में कैफीन होती है जिससे शुरुआत नहीं करनी चाहिए इससे आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है।
दिन की शुरुआत चाय-कॉफी से करने से क्या नुकसान उठाने पड़ सकते हैं
1.सुबह की चाय-कॉफी ब्लड शुगर को बढ़ाती है और साथ में कोई न्यूट्रिशन नहीं प्रदान करती है। जबकि सबसे पोषक चीज चाहिए। इसके अलावा सुबह की चाय या कॉफी बॉडी के एसिड-एल्कलाइन के संतुलन को बाधित करके मतली जैसी समस्याओं को बढ़ाती है।
2.भूख कम करती है चाय-कॉफी
सुबह उठते ही चाय या कॉफी का सेवन, आपकी भूख को कम करता है। इसके सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है, और ज्यादा समय तक भूखे रहने से शरीर में कैलोरी की कमी हो जाती है, और इसी कमी के चलते लोग ओवरईटिंग (Overeating) कर लेते हैं जिसकी वजह से आगे चलकर समस्या पैदा हो सकती है, और सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
3.चाय-कॉफी मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है यानी भोजन के पाचन और उससे बनने वाली ऊर्जा धीमी हो जाती है। वहीं सुबह के वक्त हेल्दी नाश्ता करना आपके मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ा सकता है।
4.गैस्ट्रिक समस्या बढ़ सकती है क्योंकि चाय और कॉफी में कैफीन होता है खाली पेट कैफीन का सेवन करने से गैस्ट्रिक कोशिकाएं उत्तेजित होती है, जिससे हार्टबर्न और एसिड रिफ्लक्स हो सकता है। ऐसी स्थिति में शरीर पर इसका बेहद ही बुरा असर पड़ सकता है।
जानकारों के अनुसार दिन भर में 2/3 कप से अधिक चाय नहीं पीनी चाहिए। मैं अपनी बात कहूं तो एक समय सुबह की शुरुआत 2 कप चाय से होती थी जो शाम होने तक 6/7 कप हो जाती थी। फिर जब अपने हेल्थ कोच के संपर्क में आया तो सबसे पहले चाय ही छूटी और वर्तमान 2 दिन में औसतन 1 चाय होती है वो भी मित्रों के साथ बैठने पर। घर पर तो चाय बनती ही नहीं, हालांकि दूसरे लोगों के चायपत्ती रखी रहती है। अपने हेल्थ कोच के सहयोग से चाय की जगह जिस पेय को लेते है वो ग्रीन टी, ब्लैक टी और ओलाँग टी के गुण पाए जाते है जो सेहत को बहुत लाभ पहुंचाता है।
#tea #coffee #health #bmr #nutrition #hearthealth #health #breakfast #weight
शुक्रवार, 15 जुलाई 2022
हमारा व्यक्तित्व हमारे आदतों का प्रतिफल होता है
शुक्रवार, 8 जुलाई 2022
भीड़ का चयन बुद्धिमानी से
शुक्रवार, 1 जुलाई 2022
वर्तमान में मार्केट में क्या करे
बुधवार, 25 मई 2022
म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट
लाभ की बाते
*यदि आप शेयर बाजार के बारे में नहीं जानते है तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन आप एक बड़े लाभ से वंचित है*
मैं अक्सर लोगों से ये कथन कहता रहता हूं। मध्यमवर्ग जीवन भर पैसे के लिए संघर्ष करता रहता है लेकिन वो पैसे की समझ को बढ़ाना नहीं चाहता है। वो अपने पैसे को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जीवन बीमा, जमीन, गहना, एफडी, आरडी, एनएससी जैसे साधनों में निवेश करता है। वो जोखिम लेना पसंद नहीं करता है जबकि जीवन में जोखिम न लेना ही सबसे बड़ा जोखिम होता है। उसे शेयर बाजार जुआ लगता है, बड़े लोगों का खेल लगता है, सोचता है साधारण लोगों के लिए ये जगह ही नहीं है। यदि किसी के प्रभाव में वो शेयर बाजार में आता भी है तो रातों रात अमीर बनने की चाहत और डेली पैसे निकालने के चक्कर में ट्रेडिंग करने लगता है। जब वो जमीन खरीदता है या एफडी में पैसा लगाता है तो कल से ही उसका खरीदार नहीं खोजने लगता है। लेकिन शेयर बाजार में पहले तो बिना समझे बुझे पैसा लगाता है, ऊपर मोबाइल में दिन में हर मिनट भाव देखना शुरू कर देता है। अरे भाई जो प्रॉसेस जमीन या एफडी वाले में करते हो, वही शेयर बाजार में दिखाओ ना, फिर देखो कमाल यहां का।
स्टॉक मार्केट से लाभ लेने के दो तरीके होते हैं। एक डायरेक्ट जिसमें डीमैट अकाउंट खोलकर स्टॉक चुनना, खरीदारी करना, होल्ड करना होता है। यह बाहर से जितना सरल दिखता है वास्तव में उतना ही क्लिष्ट होता है। इसके लिए धैर्य, अनुशासन के साथ साथ नियमित रूप से सीखना पड़ता है, अनुभव लेना पड़ता है। याद रखना है कि मार्केट की जितनी अधिक समझ बढ़ाएंगे उतना अधिक वेल्थ बनाएंगे। समझ बढ़ने से हमारी बड़े पैसे कमाने और होल्ड करने की पात्रता विकसित होती है।
दूसरा तरीका होता है इन डायरेक्ट यानी बिचौलियों के माध्यम से जिसमें अपने देश में लगभग 50 म्यूचुअल फंड और कई पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस होती है जहां वो एक छोटी फीस लेकर पैसे को मैनेज करते है। उनका काम ही होता स्टॉक मार्केट में लोगों को रिटर्न दिलाना इसलिए वो उसकी पढ़ाई भी करते हैं। इनके माध्यम से पैसा लगाना मतलब जोखिम कम होना और लाभ की प्रत्याशा बढ़ जाना। म्यूचुअल फंड बहुत ही सरल और आसान निवेश साधन है, हमारी जैसी जरूरत होती है, उसके अनुसार प्रोडक्ट डिजाइन किए जाते है। सामान्यतया आसानी से 12/15% का चक्रवृद्धि ग्रोथ मिल जाती है। हालांकि ये रिटर्न गारंटीड नहीं होते हैं और 1/2 साल की अवधि में निगेटिव भी दिखाता है लेकिन यदि 5 साल से उपर का समय दिया जाता है तो आसानी उपरोक्त रिटर्न मिल ही जाता है।
म्यूचुअल फंड में निवेशकों के लिए इक्विटी में पैसा लगाने का एक सुरक्षित तरीका है। इसमें सीधे किसी स्टॉक में पैसे लगाने की जगह म्यूचुअल फंड मैनेजर अलग अलग शेयरों में पैसा लगाते हैं, जिससे निवेशकों को डाइवर्सिफिकेशन का फायदा मिलता है। म्यूचुअल फंड में भी पैसा लगाने का सबसे सुरक्षित तरीका सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP है जहां एक छोटी रकम भी नियमित अंतराल पर निवेश होती रहती है। यह निवेश के लिए वो सभी मानक धारण किए रहता है जो सफल निवेश के लिए चाहिए। यह लंबी अवधि को बढ़ावा देने का वाला विकल्प है, जिसमें बाजार के कई रिस्क कम हो जाते हैं। जानकार हमेशा लंबी अवधि तक SIP चलाने की बात करते हैं। इससे कंपाउंडिंग का भी जबरदस्त फायदा इसमें मिलता है।
असल में SIP में निवेशकों को किसी फंड में एकमुश्त पैसा लगाने की बजाए मंथली निवेश की सुविधा मिलती है। कई ऐसे फंड हैं, जिनमें मिनिमम 100 रुपये से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। यह छोटे रिटेल निवेशकों के लिए बेहतर तरीका है। उन्हें अपनी बचत में से एक तय रकम हर महीने निवेश करना होता है। इसमें समय समय पर वे अपने निवेश की समीक्षा भी कर सकते हैं जिसके आधार पर SIP में टॉप अप कराने या पॉज करने की भी सुविधा मिलती है।
बाजार में ऐसी कई स्कीम हैं, जिन्होंने लंबी अवधि में निवेशकों को करोड़पति बना दिया है। आइए कुछ फंड के बारे में जानते हैं
1) ICICI Prudential Technology Fund जो एक विशेष सेक्टर आईटी में पैसा लगाता है। वैसे सेक्टर फंड बहुत अधिक जोखिम वाले होते है, जिसका समय 10 साल से अधिक हो, उसी को सेक्टर फंड लेने चाहिए।
20 साल में SIP रिटर्न: 20% सालाना
5000 रुपये मंथली SIP की वैल्यू: 1.25 करोड़ रु
1 लाख एकमुश्त निवेश की वैल्यू: 42.37 लाख रु
मिनिमम SIP: 100 रुपये
2) SBI Consumption Opportunities Fund
20 साल में SIP रिटर्न: 19% सालाना
5000 रुपये मंथली SIP की वैल्यू: 1.14 करोड़ रु
1 लाख एकमुश्त निवेश की वैल्यू: 42.43 लाख रु
मिनिमम SIP: 500 रुपये
3) SBI Magnum Global Fund
20 साल में SIP रिटर्न: 18.75% सालाना
5000 रुपये मंथली SIP की वैल्यू: 1.05 करोड़ रु
1 लाख एकमुश्त निवेश की वैल्यू: 53 लाख रु
मिनिमम SIP: 500 रुपये
4) ICICI Prudential FMCG Fund
20 साल में SIP रिटर्न: 18.53% सालाना
5000 रुपये मंथली SIP की वैल्यू: 1 करोड़ रु
1 लाख एकमुश्त निवेश की वैल्यू: 41 लाख रु
मिनिमम SIP: 100 रुपये
5) SBI Large & Midcap Fund
20 साल में SIP रिटर्न: 18.22% सालाना
5000 रुपये मंथली SIP की वैल्यू: 1 करोड़ रु
1 लाख एकमुश्त निवेश की वैल्यू: 44 लाख रु
मिनिमम SIP: 500 रुपये
प्रश्नों का स्वागत है
#investing #mutualfund #stockmarket #wealthcreation
-
स्टॉक मार्केट एक ऐसी जगह है जहां हर कोई शीघ्र पैसा बनाने के लिए आता है लेकिन सही रणनीति और जानकारी नहीं होने के कारण नुकसान उठा लेता है। एक ...
-
भारत में शायद ही कोई घर होगा जिस घर में हिंदुस्तान यूनिलीवर के प्रोडक्ट यूज न होते हो, गुड मोर्निंग से गुड नाईट तक के प्रोडक्ट बनाने वाली म...